वृद्धजन सेवा समिति, उदयपुर (राजस्थान) की ओर से शनिवार को सिविल लाइंस स्थित डीएवी लॉन में लगाए गए ‘सर्वरोग जांच निवारण कैंप’ में विभिन्न पैथियों से सैकड़ों लोगों की जांच की गई। तीन दिवसीय कैंप के पहले दिन गठिया से निजात दिलाने को ‘नी-कैलीपर्स’ भी लगाए गए।
ब्लड, हार्मोंस और थायराइड आदि की पैथॉलॉजी जांचों में 50 फीसदी की छूट दी जा रही है। कैप सुबह नौ बजे से शाम सात बजे तक चलेगा। सर्वरोग जांच निवारण कैंप का शुभारंभ मुख्य अतिथि समाजसेवी कुमकुम स्वरूप ने किया।
मुख्य अतिथि ने कहा कि ऐसे कैंप लगातार लगने चाहिए, जिससे ज्यादा से ज्यादा शहरवासियों को इसका फायदा मिल सके।
विशिष्ट अतिथि उद्योगपति व समाजसेवी अमित अग्रवाल ने कहा कि एक ही परिसर में सभी चिकित्सा पद्धतियों जैसे प्राकृतिक चिकित्सा, सुजोक व एक्यूप्रेशर थिरैपी, पंचकर्म, आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति, आर्थोेटिक, फिजियोथिरैपी और एलोपैथिक से इलाज उपलब्ध है।
विशिष्ट अतिथि दीपक धानुका ने बताया कि केरल से आयुर्वेद व पंचकर्म के विशेषज्ञ डॉ. रवि अपनी टीम से साथ दुर्लभ जड़ी - बूटियों से बनी दवाओं से ट्रीटमेंट कर रहे हैं। वृद्धजन सेवा समिति के ट्रस्टी संदीप पारिख ने बताया कि एक और दो मार्च को भी इस कैंप में 50 रुपये में रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है।
इसी रजिस्ट्रेशन फीस में वह आयुर्वेदिक, एलोपैथिक समेत सातों तरह के चिकित्सा विशेषज्ञों से परामर्श ले सकते हैं। डॉ. देवेश तिवारी ने बताया कि सुजोक पद्धति में लाइफ एनर्जी सिस्टम को हार्मोनाइज्ड किया जाता है। इसमें हाथों, पैरों की उंगलियों में विशेष तरीके से मैगनेट, मूंग, मेथी या मटर के दाने चिपकाकर प्रेशर देने से मरीज को राहत मिलती है।
फिजियोथिरैपी काउंटर में दिल्ली से आए डॉ. रवि ने बताया कि वह कैंप में सीपीएम (कांटीनिवस पेसिव मोशन) पहली बार लाए हैं। फ्रैक्चर या आपरेशन के बाद घुटने मोड़ने में दिक्कत वाले मरीजों के पैरों का मूवमेंट इस मशीन से ठीक हो जाता है। हाइड्रोकुलेटर से बैकपेन, सरवाइकल, नी-पेन, शोल्डर आदि दर्दों से निजात दिलाई जा रही है।