सपा के बाद अब बसपा पर भी ‘काली नजर’ लग चुकी है। पार्टी में बुधवार को ऐसा ही कुछ हुआ कि जिसे जानकर सभी दंग रह गए। जिसे अभी एक दिन पहले ही बसपा का सचिव बना गया था। उसने नसीमुद्दीन सिद्दीकी के समर्थन में आकर पार्टी छोड़ दी।
मायावती द्वारा मुसलमानों का अपमान करने वाले बयान से नाराज होकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इतना ही नहीं आगे की बात जान कर आप अचरज में पड़ जाएंगे। कानपुर के सीसामऊ प्रत्याशी हाजी मोहम्मद वसीम ने अपने सर्मथकों के साथ पार्टी को अलविदा कर दिया। नसीमुद्दीन के करीबी होने के साथ बसपा के बड़े नेताओं में इनका नाम था।
इन सबसे यह जाहिर हो रहा है कि सपा की तरह अब बसपा में बिखराव तेजी बढ़ता जा रहा है। यूपी विस चुनाव में करारी हार के बाद नसीमुद्दीन को पार्टी से निकाला जाना और ऑडियो में मायावती के बयानों से फैली सनसनी से बसपा मेें अदंर खाने की बगावत शुरू हो गई है। हालात यही रहे तो बसपा का यूपी में अस्तित्व बचाये रखना भी मुश्किल हो जाएगा।