उत्तराखंड की एसआईटी ने बुधवार को करोड़ोें की छात्रवृत्ति घोटाले के मामले में एक शैक्षणिक संस्थान के संयुक्त सचिव सिविल लाइन निवासी मानवेंद्र स्वरूप को गिरफ्तार कर लिया। गुरुवार को एसआईटी ने कोर्ट में पेश करने के बाद उन्हें जेल भेज दिया। मानवेंद्र स्वरूप शिक्षक विधायक का चुनाव भी लड़ चुके हैं।
एसआईटी के अधिकारी ने बताया कि समाज कल्याण विभाग ने वर्ष 2012 से 2013 और वर्ष 2015 से 2016 के बीच उत्तराखंड के शैक्षिक संस्थानों में एससी-एसटी एवं ओबीसी को फीस प्रतिपूर्ति के लिए चार करोड़, 31 लाख, 99 हजार रुपये दिए थे जो छात्रों तक नही पहुंचे। घोटाला उजागर होने पर उत्तराखंड शासन ने घोटाले की जांच के लिए एसआईटी गठित की थी।
एसआईटी की जांच में पता चला कि मानवेंद्र स्वरूप ने अपने शैक्षणिक संस्थान एकेडमी आफ मैनेजमेंट स्टडीज, नंदा की चौकी, देहरादून में फर्जी छात्रों का प्रवेश दिखाकर फीस प्रतिपूर्ति के रुपये मेें करोड़ों रुपये गबन कर लिए। प्रथम वर्ष में फेल छात्रों को द्वितीय वर्ष में दिखाकर दोबारा छात्रवृत्ति हासिल कर ली।
इसके अलावा छात्रों के बयान, कॉलेजों के रजिस्टर व अन्य दस्तावेजों में भी कई खामियां मिली थीं। जांच के आधार पर एसआईटी ने न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की थी। इसके बाद मानवेंद्र के खिलाफ कोर्ट से एनबीडब्ल्यू जारी किया गया था।
सूत्रों के अनुसार बुधवार मानवेंद्र एसआईटी के सामने पेेश हुए जहां एसआईटी ने उन्हें गिरफ्तार कर थाना प्रेमनगर देहरादून में दाखिल कर दिया। गुरुवार को एसआईटी ने उन्हें कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।