शहर के बहुचर्चित ज्योति मर्डर केस की आरोपी मनीषा मखीजा मंगलवार देर शाम जेल से रिहा हो गई। मनीषा अपनी मां के साथ जेल से बाहर आई और सिल्वर कलर की इनोवा में बैठकर घर के लिए रवाना हो गई। मनीषा ने अपना मुंह दुपट्टे से ढंक रखा था।
जेल से बाहर निकलने के बाद मीडिया कर्मियों ने सवाल भी किए, लेकिन मनीषा बिना कुछ बोले निकल गई। जमानत के लिए पचास-पचास हजार रुपये के दो बेल बांड भरे जाने थे, जिसके सत्यापन में थोड़ी देरी हुई। 29 जुलाई 2014 को गिरफ्तार की गई मनीषा की रिहाई हाईकोर्ट और जिला एवं सत्र न्यायालय से जमानत मिलने के बाद मंगलवार को हो गई।
शाम साढ़े पांच बजे के आसपास मनीषा की रिहाई का परवाना जिला जेल पहुंचा। मनीषा की रिहाई तीसरे नंबर पर होनी थी, लेकिन सुरक्षा कारणों से कुछ देर के लिए टाल दी गई। कचहरी गए सभी कैदी जेल के अंदर हो गए, तब शाम 7:34 बजे के आसपास मनीषा को जेल से बाहर निकाला गया। जेल में बंद मनीषा को लेने उसकी मां, पिता और भाई इनोवा कार से पहुंचे थे।
मनीषा की रिहाई की चर्चा मंगलवार सुबह से थी। इसके चलते तमाम मीडियाकर्मी जेल के बाहर दिन भर डटे रहे लेकिन रिहाई देर शाम हो सकी। रिहाई के बाद मीडिया कर्मियों ने मनीषा से बातचीत की कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। अपनी मां के साथ जेल से बाहर आई मनीषा कार में सवार हुई और निकल गई। जेलर एके सिंह ने बताया कि परवाना देर से आया, इसलिए देर शाम प्रक्रिया पूरी की जा सकी।
बताते चलें कि मनीषा को पहले हाईकोर्ट से हत्या की साजिश रचने और फिर जिला एवं सत्र न्यायालय से फर्जी सिम के मामले में जमानत मिली थी।