कानपुर। कानपुर देहात में जन्मे फ्लाइट कैडेट मनीष वाजपेयी ने ग्राउंड ड्यूटी ऑफिसर्स कोर्स में राष्ट्रपति का प्रशस्ति पत्र जीता है। उन्हें शनिवार को 216 कोर्स की संयुक्त दीक्षांत परेड में कमीशन भी दिया गया। कानपुर देहात से वायु सेना अकादमी तक फ्लाइट कैडेट मनीष वाजपेयी की कहानी दृढ़ संकल्प, परिवर्तन और प्रेरणा की मिसाल है।
वे ग्रामीण जीवन की सादगी में पले-बढ़े। उनके पिता किसान और माता गृहिणी थीं। बचपन से ही उनकी निगाहें आसमान पर टिकी थीं। जिज्ञासा और मशीनों के प्रति प्रेम से प्रेरित होकर उन्होंने कृषि इंजीनियरिंग में बीटेक किया। इसके बाद आईआईटी बांबे से एमटेक की उपाधि ली। मनीष कहते हैं कि वे जन्म से किसान थे लेकिन उन्होंने सैनिक बनना चुना। भारतीय वायु सेना में शामिल होना उनका सपना है। वह अपने परिवार और गांव से वायु सेना में आने वाले पहले व्यक्ति हैं।