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मंडल में चार सौ करोड़ का लेनदेन प्रभावित

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mandal me 400 cr ka lenden prawahit - फोटो : BANDA
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बांदा। बैंकों के निजीकरण के विरोध में यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर देश व्यापी दो दिवसीय बैंकों की हड़ताल के पहले दिन सोमवार को चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों चित्रकूट, महोबा, बांदा और हमीरपुर में करीब चार सौ करोड़ रुपये का लेनदेन और क्लीयरिंग प्रभावित रही। हड़ताल के दौरान सभी राष्ट्रीयकृत और ग्रामीण बैंक बंद रहे।
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बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने कामकाज ठप कर निर्धारित स्थलों में धरना-प्रदर्शन किया, जबकि बैंकों में ताले लटकने से जरूरतमंद ग्राहकों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। 13 मार्च से लगातार बैंक बंद होने से एटीएम भी खाली रहे। उधर, बैंकों की हड़ताल से सोमवार को बांदा जिले की सभी 20 बैंक शाखाओं में ताले लटकते रहे। यहां पहले दिन तकरीबन 100 करोड़ का लेनदेन प्रभावित बताया गया। इसमें करीब 20 करोड़ नगद लेनदेन भी शामिल है। हड़ताल में स्टेट बैंक, इंडियन बैंक, आर्यावर्त बैंक, केनरा, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूको बैंक, पंजाब नेशनल बैंक आदि शामिल रहे। बांदा शहर में उत्तर प्रदेश बैंक इंप्लाइज यूनियन बैनर तले बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने बैंकों के बाहर प्रदर्शन किया और जेएन कालेज के पास धरना दिया।
अगुवाई यूनियन जिला मंत्री रावेंद्र कुमार शुक्ल ने की। उन्होंने कहा कि बैंक निजीकरण से सबसे ज्यादा प्रतिकूल असर सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पाने वाले गरीब और छोटे-बड़े किसानों पर पड़ेगा। कहा कि विडंबना है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को सुदृढ़ करने के बजाए सरकार निजीकरण कर रही है। सरकारी स्वामित्व वाले बैंकों को निजी कारपोरेट घरानों को सौंपने का प्रस्ताव कर रही है। जिनमें अधिकांश बड़े डिफाल्टर्स हैं। इससे गांवों में बैंकों की संख्या में कम होगी। इस मौके पर धरने में शशिकांत गुप्ता, स्वतंत्र कुमार, राजेश, संतोष, जितेंद्र सागर, नवल, नरेंद्र कश्यप, कमल, अरुण, हरी नारायन तिवारी, बबलू, विवेक, राकेश कुमार गुप्ता, राघवेंद्र त्रिपाठी, हरी नारायन आदि मौजूद थेे।
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एटीएम रहे खाली, भटकते रहे लोग
निजीकरण के विरोध में बैंकों की हड़ताल का सीधा असर आम जनता पर पड़ा। शनिवार से बंद बैंकों का सोमवार को तीसरा दिन था। इससे जिले भर के सभी एटीएम कैश से खाली हो गए। एटीएम कैशलेस होने से जरूरतमंदों और यात्रियों को दिक्कत उठानी पड़ी।
यूनियन ने बंद करा दिए निजी बैंक भी
हड़ताल में कोई प्राइवेट बैंक शामिल नहीं रहे। जिलेभर में सभी प्राइवेट बैंक खुले रहे और रोजाना की तरह कामकाज होता रहा। इस पर बैंक इंप्लाइज यूनियन ने असंतोष व्यक्त किया। बाद में यूनियन पदाधिकारियों के प्रतिनिधि मंडल ने प्राइवेट बैंक अधिकारियों से मुलाकात की और बैंकों को भी बंद करा दिया।
बांदा समेत चित्रकूट, हमीरपुर और महोबा में बैंकों की पहले दिन हड़ताल से चित्रकूटधाम मंडल में लगभग 400 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ है।
-राजीव आनंद, अग्रणी बैंक प्रबंधक (एलडीएम)
हमीरपुर में 57.67 करोड़ का लेनदेन प्रभावित
हमीरपुर। निजीकरण के विरोध में दो दिवसीय बैंकों की हड़ताल के पहले दिन सोमवार को यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के तत्वावधान में जिले की सभी 105 बैंक शाखाओं में कामकाज ठप रहा। माह के दूसरे शनिवार व रविवार होने से बंद बैंकों के खुलने की आस लगाए लोग सोमवार को पहुंचे, लेकिन हड़ताल के चलते उन्हें मायूस होना पड़ा। हड़ताल के चलते उपभोक्ता बैंकों और डाकघरों से लेनदेन नहीं कर सके। इंडियन बैंक के डिप्टी एलडीएम सुनील कुमार यादव ने बताया कि हड़ताल के पहले दिन जिले भर में करीब 57.67 करोड़ रुपये का लेनदेन और क्लीयरिंग प्रभावित हुई है। (संवाद)
चित्रकूट : आधे एटीएम बंद, 20 करोड़ का नुकसान
चित्रकूट। बैंकोें के निजीकरण के विरोध में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन की दो दिवसीय हड़ताल के पहले दिन जिले में 20 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ। दोपहर बाद जिले के आधे से ज्यादा एटीएम भी बंद हो गए, जिससे ग्राहकों को घंटों भटकना पड़ा। शनिवार व रविवार के अवकाश के बाद सोमवार को बैंक से रुपये निकालने पहुंचे ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ता चिलचिलाती धूप में बेहद परेशान रहे और शाखाओं में ताले लटकने से निराश होकर लौटे। अखिल भारतीय बैंक अधिकारी कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों ने अपने-अपने बैंक शाखा के सामने धरने पर बैठकर नारेबाजी। इसके बाद बैंक बचाओ व देश बचाओ के नारे लगाते हुए शहर के मुख्य मार्ग पर विरोध मार्च कर निजीकरण करने का विरोध जताया। (संवाद)
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महोबा में सात करोड़ का कारोबार ठप
महोबा। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का जिले में साफ असर दिखाई दिया। सोमवार को हड़ताल के पहले दिन बैंकों में ताले लटकते रहे। बैंकों के बाहर कर्मियों ने नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया। निजीकरण का विरोध व अन्य मांगों को लेकर कर्मचारियों ने क्षेत्रीय प्रबंधक व सदर विधायक राकेश गोस्वामी को ज्ञापन सौंपा। बैंक पहुंचे उपभोक्ता हड़ताल के चलते लौट गए। सबसे ज्यादा दिक्कत ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को हुई। जानकारी के अभाव में उनके समय व पैसे की बर्बादी हुई। अग्रणी जिला बैंक प्रबंधक आशीष विवेक ने बताया कि सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों की हड़ताल से जिले में करीब सात करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित रहा। मंगलवार को दूसरे दिन भी बैंककर्मी हड़ताल पर रहेंगे। (संवाद)
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143 बैंकों में ताले, सौ करोड़ का लेनदेन ठप
उरई (जालौन)। जिले की सभी राष्ट्रीय और ग्रामीण बैंकों में निजीकरण के विरोध में दो दिवसीय हड़ताल के पहले दिन सभी सरकारी बैंकों की 143 शाखाओं में तालाबंदी रही। इसके चलते करीब सौ करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ। अधिकांश बैंकों के एटीएम बंद रहे। यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियन के आह्वान पर बैंककर्मी दो दिवसीय हड़ताल पर चले गए हैं। यूनियन के शाखाध्यक्ष एनएस मिश्रा का कहना है कि सरकार तानाशाही रवैया अपना रही, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैंकों के समर्थन में एलआईसी कर्मियों ने भी हड़ताल की। जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक (एलडीएम) अनुपम गुप्ता का कहना है कि हड़ताल से करीब सौ करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है। (संवाद)

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