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उद्यमिता और स्टार्ट अप ने बदला व्यापार का तरीका, प्रबंधन में वही सफल जो कुशल हो

Sun, 15 Oct 2017 04:42 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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आईआईटी कानपुर में आयोजित मैनेजमेंट फेस्टिवल 'प्रबंधन- 2017' पैनल डिस्कशन
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समय के साथ व्यापार का तरीका भी बदला है। इसमें उद्यमिता और स्टार्ट अप की भूमिका काफी अहम है। युवा नए-नए बिजनेस शुरू करके बेहद कम समय में ऊंचाइयों तक पहुंच रहे हैं। इसके पीछे एक बड़ी वजह तकनीक भी है। युवा तकनीक का भरपूर फायदा उठा रहे हैं। यह वाकई में क्रांति है।
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यह बातें शनिवार को इरॉस इंटरनेशनल मीडिया लिमिटेड के ग्रुप चीफ फाइनेंशियल ऑफीसर (सीएफओ) दिनेश मोदी ने कहीं। वह आईआईटी कानपुर में आयोजित मैनेजमेंट फेस्टिवल 'प्रबंधन- 2017' पैनल डिस्कशन में आए थे।

इस मौके पर आए सभी अतिथियों ने एक स्वर में मोदी सरकार द्वारा नोटबंदी और जीएसटी लागू करने के फैसले को सही ठहराया। कहा कि सरकार के इन फैसलों से कुछ समय के लिए व्यापार प्रभावित जरूर हुआ, लेकिन एक समय बाद इसका शानदार असर दिखेगा। वोडाफोन के पूर्व चीफ टेक्नोलॉजी ऑफीसर (सीटीओ) सतीश मित्तल, साउथ एशिया रेक्किट बेंकिसर के रीजनल आईएस निदेशक श्रीजी गोपीनाथन, नोवर्टिस के हेड ऑफ मार्केटिंग उत्सव रावत और आईआईटी कानपुर की प्रो. देवलीना चटर्जी भी शामिल रहीं। संचालन द मनी माइल की को-फाउंडर और एडीटर मिताली मुखर्जी ने किया।
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कौशल नहीं तो सफलता नहीं

आईआईटी कानपुर में आयोजित मैनेजमेंट फेस्टिवल 'प्रबंधन- 2017' पैनल डिस्कशन
वोडाफोन के पूर्व सीटीओ सतीश मित्तल ने कहा कि समय के साथ हर किसी को बदलना चाहिए। आज के दौर में कुशल युवाओं की ही पूछ है। अगर आपमें कौशल नहीं है तो आप कभी सफल नहीं हो पाएंगे।

गांवों में काफी संभावनाएं
साउथ एशिया रेक्किट बेंकिसर के रीजनल आईएस निदेशक श्रीजी गोपीनाथन ने कहा कि शहरों में बिजनेस की पहुंच काफी हो गई है। अब गांव की तरफ रुख करना चाहिए। गांवों में काफी संभावनाएं हैं। गांवों में बिजनेस करने से वहां का विकास भी संभव होगा।

 
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कंपनियां खुद करती हैं रिसर्च

आईआईटी कानपुर में आयोजित मैनेजमेंट फेस्टिवल 'प्रबंधन- 2017' पैनल डिस्कशन
नोवर्टिस के हेड ऑफ मार्केटिंग उत्सव रावत ने कहा कि पुरानी कंपनियों ने भी खुद में काफी बदलाव लाया है। जो कंपनियां पहले केवल उत्पाद बनाने में विश्वास रखती थीं, अब वह शोध कार्यों में भी जुट गई हैं। वह अपने उत्पाद को और बेहतर रूप देने के लिए शोध करती हैं। इससे युवाओं के लिए नौकरी की बढ़ोतरी भी हुई है।

देश में समस्याएं बहुत, विकल्प सबके पास
आईआईटी कानपुर की प्रोफेसर डॉ. देवलीना चटर्जी ने कहा कि कई ऐसी समस्याएं हैं जो अकेले हमारे देश की ही हैं। इसमें जनसंख्या बढ़ोतरी, स्वच्छता, गरीबी जैसी समस्याएं अहम हैं। इनका समाधान देश के हर व्यक्ति के पास है, इसलिए सभी को इसमें मदद करनी चाहिए।

ये रहे प्रतियोगिताओं के विजेता

प्रतियोगिता                      विजेता टीम

मार्कोविस्ता :           टीम स्ट्राइकर, आईएमआई नई दिल्ली (प्रथम)
                        टीम गोल्डीगर्ज, आईआईटी कानपुर (द्वितीय)

ऑपरेशन :             टीम विजनरीज, एनआईटीआईई मुंबई (प्रथम)
                        टास्क मास्टर्स, फोर्स स्कूल ऑफ मैनेजमेंट (द्वितीय)

एचआरएम :           टीम सरीन दिप्ती, आईआईएम रांची (प्रथम)
                        ब्रांडस्टेर, आईआईटी कानपुर (द्वितीय)
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