इस कातिल की कहानी बिल्कुल जुदा है। 35 साल पहले जो जुर्म इसने किया था उसके लिए इसे 'साइको किलर' का नाम मिल गया। उसके इस जुर्म के लिए उसे जेल भी हुई थी लेकिन वह इतना शातिर निकला कि वहां से भाग गया। 1982 से पुलिस उसे तलाश रही थी। अब जाकर पुलिस की तलाश खत्म हुई है। लेकिन जहां ये तलाश खत्म हुई है वहां बहुत बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
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उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले की 35 साल पुरानी ये घटना लगभग सभी के जहन से मिट गई होगी। मगर इतिहास के कानूनी पन्नों में अब भी वो जुर्म दर्ज है।
अपनी पत्नी और मां की हत्या करने के बाद जेल से फरार एक मुजरिम कई साल तक पुलिस को दौड़ाता रहा। आखिर में पुलिस भी थक-हारकर बैठ गई। फिर अचानक वही कातिल 35 साल बाद पुलिस के सामने सरेंडर करने पहुंच जाता है। सुनकर ताज्जुब हुआ ना..?
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मंगलवार को इंदौर में 35 साल पुराने कत्ल के जुर्म में सरेंडर कर दिया। कलेक्टर की जन सुनवाई मे पहुंचा यह शख्स बोला मैं आत्मा की आवाज पर जेल जाना चाहता हूं।
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उसकी बात सुनकर कलेक्टर निशांत बरवड़े समेत पूरा प्रशासनिक अमला हैरत में पड़ गया। उसे हिरासत में लेकर यूपी पुलिस से जानकारी मांगी गई है। करीब साठ साल के इस शख्स ने खुद का नाम प्रेम कुमार हीरालाल बताया।
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उसने कहा कि 1982 में पत्नी व मां की हत्या के आरोप में उसे हरदोई में जेल हो गई थी। लेकिन वह हरदोई जेल से भागने में कामयाब हो गया था। उसने ड्राइवरी का पेशा अपना लिया था और इंदौर को अपना ठिकाना बनाकर रह रहा था। उसने बताया कि उसका नया परिवार इंदौर के रावजी बाजार इलाके में रहता है। पुलिस प्रशासन तथ्यों की जांच कर रहा है।