फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kanpur News: यूपी कॉप एप से एफआईआर निकाल ठगी करने वाला गिरफ्तार

Sat, 13 Dec 2025 01:30 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
कानपुर देहात। मंगलपुर थाना पुलिस ने हवासपुर के पास घेराबंदी कर एक ठग को गिरफ्तार किया है। ठग यूपी कॉप एप से एफआईआर कॉपी निकालकर पीड़ित को अधिकारी बनकर कॉल करता था और उन्हें धमकी देकर डराने के बाद मामला निस्तारण करवाने के नाम पर ठगी करता था। आरोपी की पहचान मध्यप्रदेश के निगम यादव के रूप में हुई है। उसके मोबाइल में 1019 आपराधिक मामलों की प्राथमिकी व 44 क्यूआर कोड, कुछ सिम कार्ड व 10 हजार रुपये मिले हैं।
विज्ञापन

एसपी श्रद्धा नरेंद्र पांडेय ने बताया कि गुरुवार को मंगलपुर थानाध्यक्ष महेश कुमार, स्वॉट टीम प्रभारी जेपी शर्मा ने हवासपुर चौराहा से सीएचसी जाने वाले मार्ग से मध्य प्रदेश के निवाड़ी (टीकमगढ़) के पृथ्वीपुर थाना क्षेत्र के गोबा निवासी बाइक सवार निगम यादव (19) को गिरफ्तार किया है। आरोपी निगम यूपी कॉप एप से अलग-अलग जिलों की प्राथमिकी डाउनलोड कर लेता था। इसके बाद मेरी पंचायत एप से संबंधित ग्राम प्रधान का मोबाइल नंबर निकालकर संपर्क करता था। प्रधान से प्रतिवादी का मोबाइल नंबर व अन्य जानकारी जुटाता था। इसके बाद पीड़ित से संबंधित विभाग का अधिकारी बन कार्रवाई की धमकी देकर डराने के बाद मामला निस्तारण करवाने के नाम पर ठगी कर लेता था।
पुलिस की पूछताछ में आरोपी निगम ने बताया कि उसके गांव व आसपास के क्षेत्र में कई शातिर ठग सक्रिय हैं। उसने उन्हीं के संपर्क में आकर ठगी के गुर सीखे थे। सात दिसंबर को उसने बिजली चोरी के मामले में आरोपी अजय कुमार से 25 हजार रुपये की मांग की थी। पीड़ित ने हवासपुर स्थित एक ढाबा के पास उसको 10 हजार रुपये दिए थे। 15 हजार रुपये न देने पर उसने अजय को धमकाया था। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी को कोर्ट में पेश किया है। वहां से उसको जेल भेजा गया है।
विज्ञापन

...........................
प्रोफाइल में लगाता था पुलिस अधिकारी की फोटो
मंगलपुर थानाध्यक्ष महेश कुमार ने बताया कि निगम यादव के व्हाट्सएप पर प्रोफाइल में असली पुलिस विभाग के दरोगा की फोटो लगी मिली है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि एआई की फोटो में चमक धमक होने के चलते लोग शक न कर जाएं। इसके चलते वह सोशल मीडिया से पुलिस अधिकारियों की फोटो चोरी करके अपने व्हाट्सएप पर लगाता था। जोकि बिल्कुल सामान्य हो, जिससे लोगों को यह लगे कि वह सच में दरोगा है।
.....................
पुलिस अधिकारी बन जानकारी मांगने वाले का लगाए पता
एसपी श्रद्धा नरेंद्र पांडेय ने ग्राम प्रधानों व ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि कोई अंजान व्यक्ति पुलिस विभाग का अधिकारी बन गांव के किसी व्यक्ति की जानकारी मांगे तो पहले नजदीकी चौकी या थाना पर जानकारी करें कि कॉल करने वाला सच में पुलिस का अधिकारी है या नहीं। इसके बाद ही संबंधित व्यक्ति की जानकारी दें। कहा कि कोई व्यक्ति कॉल करके यह कहे कि रुपये देने से आपराधिक मामले से नाम कट जाएगा या सजा कम हो जाएगी, तो यह पूर्ण रूप से गलत है। उन्होंने कहा कि पुलिस जांच के आधार पर ही कार्रवाई करती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें