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मालिनी अवस्थी बोलीं तीसरे सोमवार को अनुच्छेद 370 हटा, चौथा सोमवार राम मंदिर वाला तो नहीं हो जाएगा

Tue, 06 Aug 2019 06:13 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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लोक गायिका मालिनी अवस्थी - फोटो : अमर उजाला
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सावन की मस्ती में सोमवार को लोकगीतों का रंग मिला तो शहरवासियों की शाम यादगार बन गई। सिविल लाइंस स्थित रागेंद्र स्वरूप ऑडिटोरियम में अमर उजाला के जश्न-ए-आजादी के उत्सव ‘मां तुझे प्रणाम’ में पद्मश्री मालिनी अवस्थी ने अपनी खनकती आवाज का जादू कुछ इस तरह बिखेरा कि मौजूद शहरवासी झूमने लगे।
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मालिनी ने कजरी, सोहर की एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दीं। खचाखच भरे ऑडिटोरियम में उनकी अवधी और लोकगीतों की एक-एक प्रस्तुति पर तालियां बजती रहीं। प्रस्तुतियों के दौरान मालिनी श्रोताओं से संवाद भी करती रहीं। मालिनी ने अपना सावन..., अपनी माटी... अपने रंग थीम पर आधारित कार्यक्रम की शुरुआत मां दुर्गा की स्तुति ‘मइया सूरी सूरी’ से की।

 

मालिनी अवस्थी लोक गीत गाती हुईं - फोटो : अमर उजाला
गीत से पहले उन्होंने इसका अर्थ भी समझाया। कहा कि भारतीय संस्कृति में मां का स्थान सर्वोपरि है। इसलिए पहले उनके चरणों में गीत अर्पित है। इसके बाद उन्होंने मालिन और देवी मां के संवाद पर आधारित गीत ‘कैसे पिआबू जल मोरी छोटे लालन की’ प्रस्तुति दी। इसके बारे में उन्होंने बताया कि फूल लाने वाली मालिन अपने बच्चे को लेकर बैठी है, और देवी मां उनसे पानी मांग रही हैं।

कहा कि यह गीत उन्हें बेहद पसंद है, क्योंकि मालिन उनकेनाम से जुड़ा शब्द है। प्रस्तुतियों के दौरान उन्होंने महिला सशिक्तकरण की भी बात की। कहा कि गुड़िया का पर्व है। लड़कों के जन्म पर सोहर गीत बनते और गाए जाते हैं, लेकिन लड़कियों के जन्म पर नहीं। मैंने एक नई शुरुआत की और अपनी बेटी के जन्म पर सोहर गीत बनाया।

 

मालिनी अवस्थी के सुरों पर झूमा कानपुर - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद उन्होंने सीता जी के जन्म पर आधारित अरी मिथिला मगन भई आज सिया का जनम भयो..गाया को लोग भक्ति के रंग में डूब गए। इसके बाद जब उन्होंने ‘पिया मेहंदी लिया दे मोतीझील से...’ गाया तो श्रोता अपनी कुर्सियों पर खड़े होकर नाचने लगे। इसके बाद उन्होंने ‘रिलिया बारेन पिया’, ‘सैंया मिले लरकइयां’ के साथ ही लोगों की मांग पर ‘पान खाये सैंया हमारो’ आदि फिल्मी गीतों के मुखड़े भी सुनाए।

कार्यक्रम के दौरान नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा, तिरंगा अगरबत्ती के मैनेजिंग डायरेक्टर नरेश शर्मा, अपोलो ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन अंशुमान बुधौलिया, कर्नल एके राज, दिनेश कुमार त्यागी, लेफ्टीनेंट कर्नल समीर मोहिते, राहुल गौर, राहुल शर्मा, कैप्टन आकाश, बिक्रम, सुमित समेत डॉ. हेमंत मोहन, डॉ. आरती मोहन, सर्वेश पांडेय निन्नी आदि रहे। संचालन शिवम शुक्ला ने किया। 

 

मालिनी अवस्थी नृत्य करती हुईं - फोटो : अमर उजाला
हॉल में गूंजा वंदेमातरम, भारत माता की जय
इससे पहले मंच पर आते ही उन्होंने कश्मीर में अनुच्छेद 370 और 35ए हटाए जाने का जिक्र किया। कहा कि आज देश दोबारा आजाद हुआ है। भारत माता प्यासी थीं। आत्मसम्मान मांग रही थीं। यह सम्मान आज मिल गया है। कई लोग कहते थे कि कश्मीर नासूर है। लाइलाज है, लेकिन इलाज हुआ। डॉक्टर भी लोगों से इजाजत लेते हैं सर्जरी से पहले। लेकिन उनको ही नजरबंद कर सर्जरी कर दी जो यह करने की इजाजत नहीं देते। आज भारत अखंड है। देशवासियों की तरह आपको भी इसकी खुशी हो रही होगी। उन्होंने सैल्यूट करते हुए लोगों से भारत माता की जय, वंदेमातरम, जय हिंद के नारे लगवाए।

 
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मालिनी अवस्थी के सुरों पर नाचे कनपुरिए - फोटो : अमर उजाला
अगला सोमवार राम मंदिर तो नहीं
मालिनी ने कहा कि सावन के पहले सोमवार को चंद्रयान-2 भेजा गया। दूसरे सोमवार को तीन तलाक बिल पास हुआ और तीसरे सोमवार को कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35ए हट गए। चौथा सोमवार राम मंदिर वाला तो नहीं हो जाएगा।

अन्नू अवस्थी ने हंसाया
हास्य कलाकार अन्नू अवस्थी ने भी अपनी प्रस्तुति दी। कनपुरिया अंदाज में सुनाए गए उनके किस्सों पर लोग देर तक हंसते रहे। मालिनी हमारी दीदी हैं। जब इनकी शादी तय भई तो हम इनके घर गएन। दीदी से कहा कि हमका 10 रुपया देओ तो जीजा के बारे में बताई। दीदी ने कहा पांच रुपये देंगे तो हमऊ कहा कि आधी बात बताएंगे। इस पर जब दीदी 10 रुपया दे मा राजी हुई गईं तो हम बतावा कि जीजा बड़ा नाम रोशन करै हैं। शहर में जब कौनो मेहरिया गायब होति है तो लोग कहत हैं कि अवस्थी ही लइ गवा। 
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