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हैलट में असाध्य रोग योजना बंद, साढ़े छह सौ मरीज खतरे में, शासन ने कहा आयुष्मान योजना से करें इलाज

Thu, 01 Aug 2019 07:10 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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कानपुर के हैलट अस्पताल - फोटो : सोशल मीडिया
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जीएसवीएम मेडिकल कालेज के हैलट अस्पताल में असाध्य रोग उपचार योजना बंद हो गई है। शासन ने इस संबंध में बजट देने से इंकार कर दिया है। योजना के बंद होने से लिवर, किडनी और दूसरे असाध्य रोगों के रोगियों की जान खतरे में पड़ सकती है। इस योजना के मरीजों का उपचार आयुष्मान के योजना के मद से करने के लिए कहा गया है जबकि यह व्यवहारिक नहीं है।
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ठीक न होने वाले असाध्य रोगों का कंपनियां बीमा नहीं करती हैं। शासन ने सबसे अधिक जोर आयुष्मान के लाभार्थियों को बढ़ाने पर दिया लेकिन दवाओं का बजट बढ़ाने से हाथ खड़े कर दिए। बुधवार को लखनऊ में चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन, प्रमुख सचिव रजनीश दूबे तथा अन्य अधिकारियों ने मेडिकल कालेज के प्राचार्यों और प्रमुख अधीक्षकों के साथ सुबह 10 बजे से रात आठ बजे तक मैराथन बैठक की।
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इसमें हैलट के असाध्य रोग उपचार योजना के बजट की बात उठी जिस पर साफ जवाब दे दिया गया। वैसे छह महीने से अधिक समय से इस योजना के मरीजों को दवा नहीं मिल रही है। हैलट ओपीडी और इनडोर में सिर्फ बीपीएल कार्ड धारकों को मुफ्त दवा मिलेगी। इमरजेंसी और आईसीयू के सभी मरीजों को दवा दी जाएगी। 

बैठक में हैलट को दो शव वाहन और दो एंबुलेंस और दिए जाने के लिए कहा गया। लिक्विड आक्सीजन प्लांट लगने से तीन करोड़ खर्च बढ़ने पर भी चर्चा हुई। इसके साथ ही ई हॉस्पिटल कर्मियों के  वेतन का मुद्दा उठा। बैठक गुरुवार को भी जारी रहेगी। बैठक में मेडिकल कालेज की प्राचार्य डॉ. आरती लालचंदानी, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके मौर्या ने शिरकत की।   
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