जीएसवीएम मेडिकल कालेज के हैलट अस्पताल में असाध्य रोग उपचार योजना बंद हो गई है। शासन ने इस संबंध में बजट देने से इंकार कर दिया है। योजना के बंद होने से लिवर, किडनी और दूसरे असाध्य रोगों के रोगियों की जान खतरे में पड़ सकती है। इस योजना के मरीजों का उपचार आयुष्मान के योजना के मद से करने के लिए कहा गया है जबकि यह व्यवहारिक नहीं है।
ठीक न होने वाले असाध्य रोगों का कंपनियां बीमा नहीं करती हैं। शासन ने सबसे अधिक जोर आयुष्मान के लाभार्थियों को बढ़ाने पर दिया लेकिन दवाओं का बजट बढ़ाने से हाथ खड़े कर दिए। बुधवार को लखनऊ में चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन, प्रमुख सचिव रजनीश दूबे तथा अन्य अधिकारियों ने मेडिकल कालेज के प्राचार्यों और प्रमुख अधीक्षकों के साथ सुबह 10 बजे से रात आठ बजे तक मैराथन बैठक की।