गंगाजल से स्नान, फिर पूजन और दान
ज्योतिष सेवा संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष आचार्य पं. पवन तिवारी ने बताया कि इस बार दो तिथियों को लेकर लोग उलझन में हैं। हालांकि संक्रांति तब शुरू होती है, जब सूर्य देव राशि परिवर्तन कर मकर राशि में पहुंचते हैं। इस बार सूर्य देव 15 जनवरी की सुबह 2:54 पर मकर राशि में प्रवेश कर रहें हैं। इस दिन गंगा स्नान, पूजा, जप-तप और दान करने का विधान है। ज्योतिषाचार्य पं. मनोज कुमार द्विवेदी के अनुसार इस बार पुण्यकाल 15 जनवरी को सुबह 7:00 बजे से शुरू हो जाएगा, जो शाम 5:36 बजे तक रहेगा। इसमें स्नान, दान, जाप कर सकते हैं।
इस प्रकार करें पूजा
1. पूजा करने के लिए सबसे पहले उठकर साफ सफाई कर लें।
2. इसके बाद अगर संभव हो तो आसपास किसी पवित्र नदी में स्नान करें यदि ऐसा न कर पाएं, तो घर में ही गंगाजल मिलकर स्नान कर लें।
3. आचमन करके खुद को शुद्ध कर लें।
4. इस दिन पीले वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है, तो पीले वस्त्र धारण कर सूर्य देव को अर्घ्य दें।
5. इसके बाद सूर्य चालीसा पढ़े और आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ करें।
6. अंत में आरती करें और दान करें।
7. इस दिन दान करने का खास महत्व माना गया है।