बेटे के साथ मेजर की फाइल फोटो, इनसेट में घोड़ा वाला
कानपुर के रहने वाले मेजर प्रदीप सिंह चौहान की 8 जून को वैष्णो देवी माता के दर्शन को जाते समय घोड़े से गिरकर मौत हो गई थी। घोड़ा चलते चलते अचानक गिर गया था और उसी के साथ मेजर भी गिर गए थे। यह सिर्फ हादसा है या कुछ और, इसकी जांच पुलिस और वैष्णो देवी शाइन बोर्ड के सीओ कर रहे हैं। घोड़े वाले पर मुकदमा दर्ज हुआ है, उससे वहां पूछताछ चल रही है। वह बार-बार अपने बयान बदल रहा है। यह जानकारी जम्मू से लौटे मेजर के पिता रिटायर्ड ब्रिगेडियर कमल सिंह चौहान ने दी।
पंजाब के फिरोजपुर हो गई थी पोस्टिंग
मेजर प्रदीप की पोस्टिंग पंजाब के फिरोजपुर में हो गई थी। उनका सामान ट्रक से वहां पहुंच चुका था। उन्हें 8 जून को पंजाब जाना था। उन्होंने नई पोस्टिंग पर जाने के पहले वैष्णो माता के दर्शन करने की सोची और अपनी पत्नी मीनल, बेटी सान्या (08) बेटे सूर्य प्रताप सिंह (05) के साथ चढ़ाई कर रहे थे।
घोड़ा एकदम से उछला, गिर गया
पिता ने बताया कि मेजर प्रदीप घोड़े पर अपने आगे पांच साल के बेटे सूर्य प्रताप सिंह चौहान को बैठाए थे। घटना के 30-40 सेकेंड पहले उन्होंने हाथ में दर्द होने की बात कह कर बेटे को पिट्ठू पर बैठा दिया था। पिता ने बताया कि मेजर प्रदीप 9 साल की उम्र से घुड़सवारी कर रहे थे। जहां वह घोड़े से गिरे, वह स्थान संकरा और पूरी तरह समतल था। जानकारी मिली है कि पहले घोड़ा एकदम से उछला और गिर गया। इससे प्रदीप भी जमीन पर गिरे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर के पीछे के हिस्से पर चोट से मौत का कारण बताया गया है। घटना से पहले उन्होंने पत्नी, बच्चों को घुड़सवारी के टिप्स भी दिए थे।
20 जून को कानपुर आना था परिवार
पिता कमल सिंह ने बताया कि वे पत्नी, बच्चों संग जम्मू में रहते हैं। 20 जून को यहां पत्नी मधू चौहान और दो बेटियों खुशबू और श्रेया को श्याम नगर स्थित घर में शिफ्ट होना था। 20 जून को उन्हें भी यहां आना था लेकिन इससे पहले हादसा हो गया।