अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित पैरा एथलीट अंकुर धामा
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अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित पैरा एथलीट अंकुर धामा रविवार को आईआईटी कानपुर पहुंचे। यहां उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनका अगला लक्ष्य ओलंपिक में देश को पदक दिलाना है। इसके लिए वह खुद मेहनत करने के साथ युवा खिलाड़ियों को भी तैयार करेंगे।
अंकुर ने बताया कि बचपन में ही उनके आंखों की रोशनी चली गई थी। काफी इलाज के बाद जब मां-बाप को पता चला कि किसी भी ऑपरेशन से उनकी रोशनी नहीं लौट सकती है तो उन्होंने दिल्ली के एक स्कूल में दाखिला दिला दिया। यहीं से उनकी रुचि खेल में बढ़ गई और आंखों की रोशनी न होने के बावजूद वह पैरा एथलीट बन गए।
रियो पैरा-ओलंपिक को रीप्रजेंट कर चुके अंकुर ने एशियन गेम्स में एक रजत और एक कांस्य पदक जीता है। वर्ष 2018 में उन्हें अर्जुन अवार्ड से राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सम्मानित किया था। अंकुर ने कहा कि भले ही वह आंखों से देख नहीं सकते लेकिन उन्हें पूरा विश्वास है कि वह पूरी दुनिया जीतने का हक रखते हैं।
विकलांगों को सलाह देते हुए अंकुर ने कहा कि कभी हार नहीं माननी चाहिए। अगर हम शरीर के किसी एक अंग से कमजोर हैं तो उसकी ताकत दूसरे अंग के पास होती है। इसलिए सभी को अपनी इस छिपी हुई ताकत को पहचान कर उसमें कॅरियर बनाने का आवश्यकता है।