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पैरा एथलीट अंकुर धामा पहुंचे कानपुर, ओलंपिक खेलों को लेकर कही ये बड़ी बात

Mon, 14 Jan 2019 02:12 PM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित पैरा एथलीट अंकुर धामा - फोटो : अमर उजाला
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अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित पैरा एथलीट अंकुर धामा रविवार को आईआईटी कानपुर पहुंचे। यहां उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनका अगला लक्ष्य ओलंपिक में देश को पदक दिलाना है। इसके लिए वह खुद मेहनत करने के साथ युवा खिलाड़ियों को भी तैयार करेंगे।
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अंकुर ने बताया कि बचपन में ही उनके आंखों की रोशनी चली गई थी। काफी इलाज के बाद जब मां-बाप को पता चला कि किसी भी ऑपरेशन से उनकी रोशनी नहीं लौट सकती है तो उन्होंने दिल्ली के एक स्कूल में दाखिला दिला दिया। यहीं से उनकी रुचि खेल में बढ़ गई और आंखों की रोशनी न होने के बावजूद वह पैरा एथलीट बन गए।

रियो पैरा-ओलंपिक को रीप्रजेंट कर चुके अंकुर ने एशियन गेम्स में एक रजत और एक कांस्य पदक जीता है। वर्ष 2018 में उन्हें अर्जुन अवार्ड से राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सम्मानित किया था। अंकुर ने कहा कि भले ही वह आंखों से देख नहीं सकते लेकिन उन्हें पूरा विश्वास है कि वह पूरी दुनिया जीतने का हक रखते हैं।
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विकलांगों को सलाह देते हुए अंकुर ने कहा कि कभी हार नहीं माननी चाहिए। अगर हम शरीर के किसी एक अंग से कमजोर हैं तो उसकी ताकत दूसरे अंग के पास होती है। इसलिए सभी को अपनी इस छिपी हुई ताकत को पहचान कर उसमें कॅरियर बनाने का आवश्यकता है।
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पैरा एथलीट अंकुर धामा - फोटो : अमर उजाला
विकलांगों के लिए अत्याधुनिक उपकरण बनाएं आईआईटीयंस
अंकुर धामा ने इंस्टीट्यूट के सेल फॉर डिफरेंटली एबल्ड पीपुल की ओर विकलांगता दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को भी संबोधित किया। कहा कि विज्ञान ने हर क्षेत्र में समाज को मजबूत किया है। उन्होंने आईआईटीयंस से विकलांगों के लिए अत्याधुनिक उपकरण तैयार करने के लिए कहा, जिससे विकलांगों की समस्याएं कम हो सकें।

विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन
आईआईटी कानपुर के उप निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने कहा कि विकलांगों को तकनीक की मदद से काफी सहूलियत दी जा सकती है। उन्होंने तकनीकी छात्रों के साथ वैज्ञानिकों से अपील की कि वह विकलांगों की समस्याओं के अनुरूप उपकरण तैयार करें। कार्यक्रम में पोस्टर, नृत्य, कविता और गजल प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इसमें सभी दिव्यांग छात्र-छात्राओं ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। अंत में सभी प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
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