देर रात कमरे में ही हत्या कर दी गई
इनमें घटना के मुख्य आरोपी के रूप में शहर के गौरादेवी निवासी कन्हैया शर्मा (42) का नाम आया था। इस कांड में तीन आरोपी बाल अपचारी थे। पीड़िता ने लोकलाज के डर से पुलिस में शिकायत नहीं की थी। पुलिस ने खुद पूरे मामले का संज्ञान लेकर मामला दर्ज किया था। चकेरी एसएचओ अजय प्रकाश मिश्रा ने मंगलवार को बताया कि कन्हैया शर्मा यहां पीएससी बाईपास के पास किराये के मकान में रहकर राजमिस्त्री का काम करता था। दो अप्रैल की देर रात कमरे में ही उसकी हत्या कर दी गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटकर हत्या की पुष्टि
कमरे की कुंडी बाहर से बंद थी। उसके मुंह से खून आ रहा था। तीन अप्रैल को मकान मालिक ने पुलिस को सूचना दी। उस समय कन्हैया शर्मा की शिनाख्त सिटी फॉरेस्ट कांड के मुख्य आरोपी के रूप में नहीं हो पाई थी। छानबीन के बाद उसकी सही शिनाख्त होने पर परिजनों को हमीरपुर में सूचना दी गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटकर हत्या की पुष्टि हुई है। मंगलवार को पुलिस ने मृतक के साले इटावा निवासी रामयश की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की।
हत्या के तार हमीरपुर से ही जुड़े हैं
मृतक की पत्नी आरती ने आरोप लगाया कि आशीष का मोबाइल, रुपये व पर्स भी गायब है। उन्होंने मकान मालिक पर विवाद के चलते हत्या का आरोप लगाया। मकान मालिक से पूछताछ के बाद पुलिस को आशंका है कि कन्हैया की हत्या के तार हमीरपुर से ही जुड़े हैं। पुलिस ने आशीष की पत्नी आरती को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। पुलिस की एक टीम मामले के खुलासे के लिए हमीरपुर में डेरा डाले है। थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि बुधवार को घटना का खुलासा किया जाएगा।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी (आर्काइव)
- फोटो : amar ujala
सदर कोतवाली में दर्ज हैं चार मुकदमें
हमीरपुर सदर कोतवाल पवन कुमार पटेल ने बताया कि सिटी फॉरेस्ट कांड के मुख्य आरोपी कन्हैया शर्मा के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित गैंगस्टर, एनडीपीएस व आईटी एक्ट के तहत कुल चार मुकदमें दर्ज किए गए थे। इनके अलावा अन्य कोई मुकदमा दर्ज नहीं है।
राज्य महिला आयोग व राजनीतिक पार्टियों ने भी जताया था विरोध
उस समय राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विमला बाथम ने एसपी से पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की थी। उन्होंने कहा था कि युवती के साथ हैवानियत करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। वहीं, सपा व बसपा सुप्रीमो ने इस घटना को जंगलराज करार दिया था।
घटनास्थल पर जांच करती पुलिस
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बीट आरक्षी पर हुई थी कार्रवाई
हमीरपुर के तत्कालीन एसपी शुभम पटेल ने अपराधियों पर नजर रखने में नाकाम रहने पर बीट आरक्षी अनुराग सिंह को निलंबित कर दिया था। साथ ही सिटी फारेस्ट पार्क का गेट बंद करा दिया गया था। पुलिस का पहरा भी लगा दिया गया था। घटना के बाद डीआईजी ने भी मौका मुआयना किया था। साथ ही जरूरी दिशा निर्देश दिए थे। जिस मोबाइल से वीडियो बनाया गया था, उसको जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा गया था लेकिन पीड़िता ने कोई भी कार्रवाई करने से साफ इनकार कर दिया था।