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महोबा इंद्रकांत हत्याकांड में हुआ बड़ा खुलासा, क्रशर कारोबारी ने खुद मारी थी गोली

Fri, 25 Sep 2020 11:18 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
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महोबा कांड - फोटो : amar ujala
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महोबा के चर्चित क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी मामले का शुक्रवार की देररात एसआईटी ने खुलासा कर दिया। एसआईटी के मुताबिक, किसी बाहरी व्यक्ति ने क्रशर कारोबारी को गोली नहीं मारी, बल्कि उन्होंने अपनी गाड़ी के अंदर खुद ही अपनी पिस्टल से गोली मारी।
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आगे से खुद को गोली मारने के बाद उन्होंने अपने दोस्त सत्यम और उनके पिता अर्जुन को फोन से जानकारी दी। इसके बाद दोनों पिता-पुत्र अपनी कार से मौके पर पहुंचे और कारोबारी को जिला अस्पताल लाए, फिर कानपुर के रिजेंसी अस्पताल ले गए। एसआईटी गोली मारने की वजह स्पष्ट नहीं कर सकी।

कहा कि कारोबारी परेशान और मानसिक तनाव में थे। पुलिस लाइन में देररात साढ़े नौ बजे पत्रकारों के सामने मामले का खुलासा करते हुए एसआईटी टीम के मुखिया वाराणसी रेंज के पुलिस महानिरीक्षक विजय कुमार सिंह मीना ने बताया कि सात सितंबर को तत्कालीन पुलिस अधीक्षक मणिलाल पाटीदार के खिलाफ छह लाख रुपये रिश्वत मांगने और हत्या कराने की धमकी का आरोप लगाते हुए क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी ने सोशल मीडिया में वीडियो वायरल किया था।
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वीडियो वायरल करने के बाद कारोबारी मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के झंकार होटल में रुके थे। यहां पर इंद्रकांत के बिजनेस पार्टनर पुरुषोत्तम सोनी और बल्लू उनसे मिलने गए थे। आईजी ने बताया कि इन सभी के सीसीटीवी फुटेज झंकार होटल से मिली है। आईजी के मुताबिक, एसपी के खिलाफ आरोप लगाने के बाद खुद एसपी मणिलाल पाटीदार ने मामले का खंडन किया था।

बताया कि तत्कालीन एसपी के खिलाफ जांच अभी चल रही है। छतरपुर से कब लौटे और महोबा में आठ सितंबर को गोली मारने के बाबत आईजी स्पष्ट कुछ नहीं बता सके, लेकिन कहा कि क्रशर कारोबारी ने गाड़ी के अंदर अपनी पिस्टल से आगे से गोली मारी, फिर पिस्टल कारोबारी के पैरों के बीच में फंस गई। कारोबारी के पार्टनर बल्लू के भाई आशाराम पिस्टल घर ले गया था।

आईजी ने बताया कि कारतूस और खोखे को आगरा की लैब में परीक्षण के लिए भेजा गया है। बताया कि मामले की एक सप्ताह तक जांच के बाद करीब सौ लोगों के बयान लिए गए और अन्य पहलुओं से भी जांच की गई। इसके बाद स्पष्ट हुआ कि किसी बाहरी व्यक्ति ने क्रशर कारोबारी को गोली नहीं मारी थी। 
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