फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mahoba: फसल बीमा योजना में फर्जीवाड़े के मामले में सीएससी संचालक समेत तीन गिरफ्तार

Tue, 09 Sep 2025 10:47 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा

सार

किसानोंं की बिना सहमति के कूटरचित तरीके से फर्जी दस्तावेजों के सहारे बीमा कराने के मामले में सीएससी संचालक समेत तीन को गिरफ्तार किया गया है।
विज्ञापन
पुलिस गिरफ्त में फसल बीमा में फर्जीवाड़ा करने वाले तीनों आरोपी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

महोबा जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में हुए करोड़ों के फर्जीवाड़े के मामले में मंगलवार को पुलिस ने सीएससी संचालक समेत तीन आरोपियोंं को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने किसानोंं की बिना सहमति के फर्जी दस्तावेजों के सहारे उनकी भूमि का बीमा कराकर क्लेम निकाल लिया। पुलिस इस मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
विज्ञापन


महोबा में फर्जी बीमा कराने का मामला एक माह पहले तब सामने आया था। जब किसान जनसेवा केंद्रों मेंं बीमा कराने पहुंचे थे। तब जानकारी हुई कि उनकी भूमि का बीमा पहले ही हो चुका है। एक के बाद एक कई किसानों की भूमि का फर्जी बीमा होने की परतें खुलने पर जय जवान जय किसान यूनियन ने सदर तहसील में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया था।

तब डीएम गजल भारद्वाज ने तीनों तहसीलों मेंं अलग-अलग टीमें गठित कर मामले की जांच कराई। फर्जी फसल बीमा कराने की पुष्टि होने पर 27 अगस्त को उप कृषि निदेशक रामसजीवन ने शहर कोतवाली में बीमा कंपनी के जिला प्रबंधक निखिल चतुर्वेदी समेत अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
विज्ञापन


एसपी प्रबल प्रताप सिंह ने धोखाधड़ी के इस मामले में संलिप्त आरोपियोंं की जानकारी जुटाने और गिरफ्तारी के लिए अपर एसपी वंदना सिंह व सीओ के पर्यवेक्षण में पुलिस टीम गठित की थी। विवेचना के दौरान उप कृषि निदेशक की ओर से उपलब्ध कराई गई सूची के आधार पर पुलिस ने कुछ आरोपी प्रकाश में आए।

कोतवाली प्रभारी मनीष कुमार पांडेय के नेतृत्व में गठित टीम ने मंगलवार को पुलिस ने राठ चुंगी मोड़ के पास से मदन पाल राजपूत निवासी भुजपुरा, बृजेंद्र सिंह राजपूत निवासी दुलारा और सीएससी संचालक नरसिंह उर्फ नीशू पटेल निवासी थलौरा को गिरफ्तार किया गया।

पकड़े गए आरोपियों पर किसानोंं की बिना सहमति फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से विभिन्न गाटा संख्याओं पर बीमा कराने और कंपनी की ओर से बिना डाटा सत्यापित किए क्लेम का भुगतान करने का आरोप है। सीओ अरुण कुमार सिंह का कहना है कि फर्जी फसल बीमा मामले में फरार चल रहे तीन आरोपियोंं को गिरफ्तार किया गया है। जिनमें से नीशू पटेल सीएससी का संचालक हैं। आरोपियों से विस्तार से पूछताछ की गई है। शीघ्र ही मामले में शामिल अन्य आरोपियोंं की गिरफ्तारी की जाएगी।

इन गांवोंं में हुआ सबसे ज्यादा फर्जीवाड़ा
फसल बीमा में फर्जीवाड़ा करने वाले लोगों ने चकबंदी के गांवोंं को निशाना बनाया। बीमामाफियाओं ने खरीफ 2024 में तहसील कुलपहाड़ के सिमरिया, इंदौरा, पुरवा जैतपुर व कर्रीजदीद में गांवोंं के कृषि भूमि रकबे से अधिक क्षेत्रफल में बीमा करा दिया और तीन करोड़ से अधिक का क्लेम निकाल लिया। इसी तरह तहसील चरखारी के भटेवराकलां, लोहारी व संतोषपुरा में फर्जीवाड़ा कर 2.80 करोड़ का भुगतान हो गया। इन गांवों में वर्ष 2025 मेंं भी क्षेत्रफल से तीन गुना अधिक भूामि पर फसल बीमा कराया गया। तहसील महोबा के मुरानी गांव में दूसरे जनपदों के लोगों का बीमा किया गया। यहां 42 किसानों को 49 लाख का क्लेम दर्शाया गया जबकि गांव के किसानों को बीमा का क्लेम नहीं मिला।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें