बुंदेलखंड की पठारी धरती पर मंगलवार की रात सात घंटे हुई मूसलाधार बारिश ने जमकर तबाही मचाई। सड़कों पर तीन से चार फीट तक जलभराव होने से पानी घरों और दुकानों में घुस गया। कहीं पुलिया तो कहीं सड़कें बह गईं। शहर का कीरत सागर व श्रीनगर का दाऊ तालाब उफनाने से बस्ती में पानी घुस गया। कीरत सागर तालाब का ओवरफ्लो पानी सड़क के ऊपर से बहने से आवागमन ठप रहा। पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर दूसरे मार्गों से वाहनों की निकासी कराई।
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मंगलवार को दिन में हुई बारिश के बाद शाम सात बजे से तेज बारिश हुई। रात दो बजे तक लगातार तेज बारिश होने से शहर के लवकुशनगर तिराहा, शुक्रवारी बाजार मार्ग, रोडवेज के पास समेत विभिन्न स्थानों पर सड़क पर तीन से चार फीट तक पानी भर गया। घरों में पानी घुसने से आक्रोशित लवकुशनगर तिराहे के लोगों ने बुधवार की सुबह सड़क पर जाम लगा दिया। सीओ रविकांत गोंड, नायब तहसील और पालिका ईओ मौके पर पहुंचे। लोगोंं का आरोप था कि 300 घरों में पानी घुसने से उनकी गृहस्थी बर्बाद हो गई। इसके बाद जेसीबी से बंद पड़े नाले व नालियों की सफाई कराकर जलनिकासी शुरू कराई गई। एक घंटे बाद जाम खुल सका।
बारिश से कीरत सागर के उफनाने से सड़क पर अत्यधिक पानी आ गया इससे बिलवई चुंगी के पास बैरिकेडिंग लगानी पड़ी। सुबह से शाम तक यह मार्ग बंद रहा। ऐसे में इस मार्ग पर शहर का फतेहपुर बजरिया, प्रेमनगर, करहरा और चरखारी से संपर्क कट गया। चरखारी जाने वाले वाहनों को महोबा-सूपा मार्ग से आवाजाही करनी पड़ी। वहीं, कीरत सागर का ओवरफ्लो पानी से शहर का यशोदा नगर रोड पूरी तरह जलमग्न हो गया।
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वहीं स्टेशन पर रोड पर स्थित आलमपुरा वार्ड में सड़कें जलमग्न रहीं। चार से फीट तक मकान डूबे रहे। पानी में कई लोगों की बाइकें व छोटे चार पहिया वाहन तक बंद हो गए। स्टार्ट न होने से लोग घसीटकर ले जाने को मजबूर रहे। वहीं, एडीएम, एसडीएम सदर शिवध्यान पांडेय, पालिका ईओ अवधेश कुमार ने शहर के विभिन्न वार्डों में जाकर स्थिति का जायजा लिया और जल निकासी की व्यवस्था कराई। उधर, दिसरापुर से महोबा जाने वाले रास्ते पर छह माह पहले बनी पुलिया व सड़क पानी के तेज बहाव में बह गई। इससे ग्रामीणों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया। कुछ यही हाल बीजानगर मार्ग का रहा। यहां बारिश का पानी गांव मेंं घुस गया। वहीं सड़केंं डूबी रहीं।
रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्री हुए परेशान
कीरत सागर का पानी ओवरफ्लो होकर सड़क पर आने से सबसे ज्यादा परेशानी रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को हुई। बिलबई चुंगी के पास से मार्ग बाधित रहा। बीएसएनएल टॉवर के पास से गुजरे स्टेशन जाने वाले मार्ग पर भी कीरत सागर का पानी सड़क के ऊपर से बहता रहा। ऐसे में इस मार्ग पर भी आवाजाही ठप रही। यह दोनों मार्ग ही स्टेशन को जाते हैं। ऐसे में स्टेशन जाने वाले यात्रियों को सबसे ज्यादा दिक्कत हुई। लोग परेशानी से जूझते हुए स्टेशन पहुंचे। वहीं, बजरिया अंडरपास भी पानी से लबालब रहा।
सीहो नाला उफनाने से बारी गांव में घुसा पानी
ब्लॉक चरखारी क्षेत्र से गुजरा सीहो नाला अत्यधिक बारिश के चलते उफना गया। सीहो नाले का पानी बारी गांव में घुस जाने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों की आवाजाही थम गई। वहीं, बरायं गांव के रपटा में सीहो नाला का पानी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया। ऐसे में दोनों स्थानों में 12 से अधिक गांवों से संपर्क टूट गया।
दाऊ तालाब उफनाया, बस्ती में घुसा पानी
श्रीनगर क्षेत्र में लगातार हो रही झमाझम बारिश से कस्बे का प्राचीन दाऊ तालाब ओवरफ्लो हो गया। इसके चलते जमींदारी व दाऊपुरा मोहल्ला की बस्ती में पानी प्रवेश कर गया। 100 से अधिक मकानों में पानी पहुंच गया। तालाब का पानी बस्ती में घुसने से लोग दहशत में आ गए। सूचना पर नायब तहसीलदार विवेक तोमर, राजस्व निरीक्षक देशराज, लेखपाल प्रमोद कुमार रावत व थानाध्यक्ष सुभाष चंद्र पुलिस बल के साथ तालाब पर पहुंचे और जेसीबी मंगाकर दो स्थानों से पानी की निकासी कराई, इससे तालाब फूटने से बच गया। हालांकि, ओवरफ्लो पानी लोगों के घरों में अभी भी भरा हुआ है।
चंद्रावल नदी उफान पर, गांवों में घुसा पानी
अधिक बारिश ग्रामीणों की परेशानी का सबब बन गई है। अत्यधिक पानी आने से क्षेत्र से गुजरी चंद्रावल नदी इस समय उफान पर है। खन्ना क्षेत्र के मवईखुर्द गांव में पानी घुस गया। इससे ग्रामीण परेशान रहे। गांवों में हर तरफ पानी ही पानी नजर आया। साथ ही ग्रामीणों का आसपास के विभिन्न गांवों से संपर्क कट गया। लोग चंद्रावल नदी का पानी उतरने का इंतजार करते रहे।