कपड़ों में न तो खून के छींटे थे और न ही कोई खरोंच
यहां उपचार दौरान उसकी मौत हो गई थी। बाइक में सवार साथी प्रदीप ने पुलिस को सूचना देकर बताया था कि बाइक सवार एक बदमाश ने राजकुमार को गोली मारी और बैग छीनकर भाग गया। पुलिस की जांच में मामला संदिग्ध पाया गया। राजकुमार को सटाकर गोली मारी गई थी, जबकि प्रदीप के कपड़ों में न तो खून के छींटे थे और न ही कोई खरोंच।
व्यवसायिक प्रतिद्वंदता में मारी थी गोली
ऐसे में पुलिस ने पहले दिन से ही प्रदीप को हिरासत में लेकर पूछताछ की। कड़ाई से पूछताछ करने पर प्रदीप ने हत्या की बात स्वीकारी। बताया कि उसकी दुकान राजकुमार के बगल में है। राजकुमार की दुकानदारी बेहतर थी जबकि उसके यहां कम ग्राहक आते थे। व्यवसायिक प्रतिद्वंदता में उसने राजकुमार को गोली मारी थी और लूटपाट की झूठी कहानी रची।
स्वयं को बचाने के लिए झूठी कहानी बताई थी
उधर, अपर एसपी वंदना सिंह ने बताया कि मोबाइल दुकानदार को अज्ञात व्यक्ति द्वारा गोली मारकर बैग ले जाने की सूचना प्राप्त हुई थी। घटना के खुलासे के लिए तीन टीमें लगाई गई थीं। जांच में सामने आया कि मृतक राजकुमार का मित्र प्रदीप बाइक में पीछे बैठा था। उसने ही गोली मारी थी। स्वयं को बचाने के लिए झूठी कहानी बताई थी। घटना के पीछे की वजह व्यवसायिक प्रतिद्वंदता सामने आई है। आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेजकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।