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महोबा गाेलीकांड: एसआईटी की जांच पूरी, आठ दिन चली जांच में 100 लोगों के बयान

Fri, 25 Sep 2020 11:53 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
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महोबा कांड - फोटो : amar ujala
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महोबा गोलीकांड में क्रशर कारोबारी की मौत की वजह की पड़ताल के लिए बीते आठ दिनों से डेरा जमाए एसआईटी की जांच पूरी हो गई है। टीम ने रिपोर्ट बनानी शुरू कर दी है। बीते आठ दिनों में टीम ने 100 से अधिक लोगों के बयान लिए हैं। 
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आठ सितंबर को गोली लगने के बाद क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी की 13 सितंबर को उपचार के दौरान कानपुर में मौत हो गई थी। मामला हाई प्रोफाइल लोगों से जुड़ा होने के कारण लखनऊ और प्रयागराज से आई एसआईटी, इंटेलीजेंस और कानपुर की विजिलेंस सहित आधा दर्जन टीमें जिले में डेरा जमाए हैं।

इन टीमों ने घटनास्थल की छानबीन करने के साथ मृत कारोबारी के पार्टनरों, परिजनों से पूछताछ की है। कारोबारी से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी जुटाई गई। सूत्रों ने बताया कि एसआईटी ने जांच पूरी कर ली है।
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रिपोर्ट बनने लगी है। जांच पूरी होने के बाद बृहस्पतिवार को प्रयागराज से आई एसटीएफ वापस लौट गई। प्रयागराज एसटीएफ की टीम ने महोबा से लेकर कबरई क्षेत्र में घटना से जुड़े सबूत और लोगों की तलाश में सहयोग किया था।

ये है पूरा मामला
बता दें कि क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी ने सात सितंबर को एक वीडियो बनाकर वायरल किया था। जिसमें उन्होंने आईपीएस मणिलाल पाटीदार पर छह लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। साथ ही कहा था कि एसपी झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दे रहे हैं, मुझ पर कभी भी हमला करवा सकते हैं। 

दूसरे ही दिन यानी आठ सितंबर को इंद्रकांत को गोली मार दी गई थी। जिसके बाद उनको कानपुर रीजेंसी अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती कराया गया था। शुरू से ही उनकी हालत नाजुक थी। 12 सितंबर रविवार करीब सात बजे इंद्रकांत की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इस पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन हुआ था।

 
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