महोबा गोलीकांड में क्रशर कारोबारी की मौत की वजह की पड़ताल के लिए बीते आठ दिनों से डेरा जमाए एसआईटी की जांच पूरी हो गई है। टीम ने रिपोर्ट बनानी शुरू कर दी है। बीते आठ दिनों में टीम ने 100 से अधिक लोगों के बयान लिए हैं।
आठ सितंबर को गोली लगने के बाद क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी की 13 सितंबर को उपचार के दौरान कानपुर में मौत हो गई थी। मामला हाई प्रोफाइल लोगों से जुड़ा होने के कारण लखनऊ और प्रयागराज से आई एसआईटी, इंटेलीजेंस और कानपुर की विजिलेंस सहित आधा दर्जन टीमें जिले में डेरा जमाए हैं।
इन टीमों ने घटनास्थल की छानबीन करने के साथ मृत कारोबारी के पार्टनरों, परिजनों से पूछताछ की है। कारोबारी से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी जुटाई गई। सूत्रों ने बताया कि एसआईटी ने जांच पूरी कर ली है।