कहा गया- शीर्ष नेतृत्व का आदेश है
आप ऐसा क्यों कर रही हैं। इसके बाद वह जिलाध्यक्ष व जनप्रतिनिधियों से मिलीं और कहा कि किसी का अधिकार छीनना गलत है, जिस पर उल्टा कहा गया कि शीर्ष नेतृत्व का आदेश है। तब मैंने काम करने से मना कर दिया। पूर्व में जिलाध्यक्ष पर लगाए आरोपों में हुए समझौते का भी उन्होंने वीडियो में जिक्र किया।
जिलाध्यक्ष को बचाने का लगाया आरोप
उन्होंने एक उपमुख्यमंत्री पर जिलाध्यक्ष को बचाने का आरोप लगाया। कहा कि ऐसे उपमुख्यमंत्री को वह स्टूल उखाड़कर फेंकना चाहती हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा का कहना है कि यह उनके अपने विचार हैं। इस मामले से उनका कोई लेना-देना नहीं है।