कोतवाली क्षेत्र के बिलवई गांव में बुधवार की सुबह एक किसान का शव खेत पर लगे बबूल के पेड़ से फंदे पर लटकता मिला। मृतक के बेटे ने कर्ज अदायगी की चिंता और फसल बर्बाद होने से परेशान पिता के आत्महत्या करने की बात कही है। पुलिस घटना की जांच कर रही है।
बिलवई गांव निवासी कमलेश रैकवार (45) पंद्रह बीघा भूमि पर खेती-किसानी करके परिवार का भरण-पोषण करता था। खरीफ सीजन में उसने मूंगफली व तिल की फसल बोई थी। अतिवृष्टि से कुछ फसल बर्बाद हो गई थी। मंगलवार की शाम वह खेत में बनी झोपड़ी में सोने गया था। सुबह जब बड़ा भाई मनोज खेत पहुंचा तो कमलेश का शव पेड़ पर रस्सी के फंदे पर लटकता मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल की जांच करते हुए परिजनों से जानकारी ली।
मृतक के बड़े बेटे महेश ने बताया कि अतिवृष्टि से तिल और मूंगफली की फसल बर्बाद हो गई थी। पिता पर साहूकारों का दो से तीन लाख रुपये कर्ज था, जिसकी अदायगी की चिंता में पिता परेशान रहते थे। सुबह उनका शव फंदे पर लटकता मिला। उधर, उप जिलाधिकारी शिवध्यान पांडेय का कहना है कि अतिवृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है। प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया चल रही है। किसान की मौत के मामले में भी जांच कराई जा रही है।