इंद्रकांत त्रिपाठी (फाइल फोटो)
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इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत को चार साढ़े चार महीने गुजर चुके हैं और साल भी खत्म होने वाला है। इसके बावजूद पुलिस घटना के आरोपी पूर्व एसपी मणिलाल पाटीदार को गिरफ्तार कर पाना तो दूर उनका सुराग भी नहीं लगा सकी है। पुलिस अफसरों का दावा है कि आईपीएस मणिलाल पाटीदार को पकड़ने के लिए पुलिस टीमें लगातार संभावित स्थानों पर दबिश दे रही हैं।
कबरई कस्बा निवासी इंद्रकांत त्रिपाठी को इसी साल आठ सितंबर को गोली लगी थी। 13 सितंबर को कानपुर के एक निजी अस्पताल में उनकी मौत हो गई थी। घटना के एक दिन पहले सात सितंबर को इंद्रकांत ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार, कबरई थानाध्यक्ष देवेंद्र शुक्ला और दो व्यापारियों समेत पांच लोगों पर वसूली और धमकी देने का आरोप लगाया था।
मामले में कबरई थाने में एसपी समेत पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इस वक्त मामले की जांच प्रयागराज के एसपी क्राइम आशुतोष मिश्रा की अगुवाई में गठित एसआईटी कर रही है। कबरई थाना पुलिस सबइंस्पेक्टर देवेंद्र शुक्ला, व्यापारी ब्रह्दत्त और सुरेश सोनी को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। सिपाही अरुण यादव कोर्ट में सरेंडर कर चुका है, लेकिन आरोपी पूर्व एसपी अभी भी फरार है। विभाग पूर्व एसपी को भगोड़ा घोषित करने के साथ ही 50 हजार का इनाम भी घोषित कर चुका है।