बुंदेली समाज के लोगों ने शनिवार को काली पट्टी बांध कर काला दिवस मनाया। इस दौरान शहर के आंबेडकर पार्क में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 49वीं बार खून से खत लिखकर अलग बुंदेलखंड राज्य की मांग की। कहा कि अलग राज्य के बिना बुंदेलखंड का विकास संभव नहीं है।
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बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकर ने कहा कि एक नवंबर की तारीख बुंदेलखंड के इतिहास का सबसे दुर्भाग्यपूर्ण दिन है। आज के दिन ही तत्कालीन नेहरू सरकार ने 1956 में मध्य प्रदेश का गठन करते वक्त बुंदेलखंड के दो टुकड़े कर दिए और उसे भारत के नक्शे से मिटा दिया। आधा हिस्सा मध्यप्रदेश में व आधा हिस्सा उत्तर प्रदेश में शामिल कर दिया। कहा कि नेहरू सरकार में की गई इस ऐतिहासिक भूल को सुधारकर बुंदेलखंड राज्य बनाया जाए। बुंदेली समाज के महामंत्री डाॅ. अजय बरसैंया ने बताया कि करीब 20 से अधिक लोगों ने खून से प्रधानमंत्री को 51 खत लिखकर अलग बुंदेलखंड राज्य की मांग की है। इस मौके पर दिलीप जैन, कैप्टन मोहन सिंह, गया प्रसाद,अमरचंद विश्वकर्मा, हरीओम निषाद, दीपू, सुधीर दुबे, विपिन, डाॅ. देवेंद्र, अन्नू पुरवार, मनीष जैदका आदि मौजूद रहे।