पिकअप चालक को कोस रहे थे सभी
यह जानकार अस्पताल पहुंचे परिजनों के आंखों के सामने अंधेरा छा गया। कभी वह अपनी मां के शव को देखकर बदहवास होते तो कभी चुप होकर इस वज्रपात को बर्दाश्त करने की असफल कोशिश करते। उन्हें समझ नहीं आ रहा था अचानक कैसे उनके साथ यह हादसा हो गया। कुछ घंटे पहले तक सबकुछ ठीक था, लेकिन अब उनकी दुनिया उजड़ चुकी थी। सभी पिकअप चालक को कोस रहे थे कि उसका किसी ने क्या बिगाड़ा था।
दर्दनाक हादसे में भगवती और गीता के बच्चे हुए अनाथ
हादसे में मौत का शिकार बनीं भगवती के पति फूलचंद्र और गीता के पति बालकिशन का निधन पूर्व में हो चुका था। दोनों महिलाएं वैवाहिक कार्यक्रमों में मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करती थीं। उनकी मौत के बाद अब उनके बच्चे अनाथ हो गए। मृतका भगवती के दो बेटे रविंद्र और रवि हैं, जबकि गीता की दो बेटियां और एक बेटा बंटी है।
छोटे भाई की भी सड़क दुर्घटना में हो गई थी मौत
हादसे की जानकारी के बाद अस्पताल पहुंचे गीता के जेठ अधिवक्ता बलदेव प्रसाद ने बताया कि करीब ढाई-तीन साल पहले उनके छोटे भाई बालकिशन की भी सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। अब गीता की मौत भी सड़क दुर्घटना में हो गई है। बताया कि वह मूल रूप से भंडरा गांव के रहने वाले हैं।
अब भरण-पोषण कैसे होगा
गीता भी भंडरा गांव में रहती थी, लेकिन कुछ समय से वह डाकबंगला के पास आकर परिवार समेत रहती थी। वह यहीं पर अपने बच्चों को पढ़ाती थी और शादी-ब्याह में पूड़ी-कचौड़ी बनाकर उनका भरण-पोषण करती थीं। पिता के बाद अब मां की मौत से बेटों के ऊपर से दोनोंं का साया उठ गया है। उनका भरण-पोषण कैसे होगा, इसको लेकर रिश्तेदार और पड़ोसी परेशान नजर आए।
हाईवे से इमरजेंसी तक मची रही चीख-पुकार
हादसे के बाद हाईवे पर महिलाओं को खून से लथपथ देख जो चीख-पुकार शुरू हुई। वह जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड तक जारी रही। महिलाओं को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाने के लिए पुलिस व राहगीरों ने मदद की, लेकिन जब इसकी सूचना परिवार को मिली तो परिजनों की चीख पुकार अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में गूंजने लगी।
मोर्चुरी में शव देख फफक पड़े रिश्तेदार
हादसे के बाद महिलाओं के शवों को मोर्चुरी में रखा गया। पंचायतनामा की कार्रवाई के लिए जब पुलिस ने तीनों शवों को एक-एक करके बाहर निकाला तो वहां मौजूद बच्चे व रिश्तेदार फफककर रो पड़े। अन्य परिजनों ने उन्हें संभाला और इसे भगवान की मर्जी बताकर उन्हें ढांढ़स बंधाया।
घटनास्थल पर बिखरे मिले टमाटर व पिकअप के आगे का हिस्सा
कानपुर-सागर हाईवे पर दुर्घटना के बाद सड़क पर टमाटर भी बिखरे मिले। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि पिकअप ने टमाटर लदे थे।टक्कर के बाद पिकअप के बाईं ओर का हिस्सा भी घटनास्थल पर टूटा पड़ा मिला। पुलिस ने टूटे हिस्से को जब्त कर उसी आधार पर गाड़ी व चालक की तलाश की।
दो परिवारों के जेहन में ताउम्र रहेगा मां के जाने का गम
पिता के जाने के बाद मां का हाथ पकड पकड़कर परिवार को संभालने का जो सिलसिला दो कुनबों ने शुरू किया था, वह मां के जाने से ठहर सा गया। हादसे के रूप में दो परिवारों के बच्चों को गम मिला, वह उन्हें ताउम्र रुलाता ही रहेगा। पिता के बाद मां को अचानक खोने के कारण परिवारों के बच्चों की आवाज ही बंद हो गई। अस्पताल में मां के शव को देखकर वह पहले तो बिलखे लेकिन फिर खामोश हो गए।