चित्रकूट। राष्ट्रीय रामायण मेले के 51वें महोत्सव का उद्घाटन आठ मार्च को अयोध्या धाम हनुमानगढ़ी के महंत स्वामी राजूदास महाराज करेंगे। आयोजन को भव्य बनाने के लिए तैयारियां कर ली गई हैं। ब्रज की रासलीला और फिजी की रामलीला आकर्षण का केंद्र होंगे।
मंगलवार को राष्ट्रीय रामायण मेला प्रेक्षागार में कार्यकारी अध्यक्ष प्रशांत करवरिया और महामंत्री करुणा शंकर द्विवेदी ने पत्रकारों को बताया कि महोत्सव 8 से 12 मार्च तक होगा। इस बार मेले में देश ही नहीं विदेश के कलाकार शिरकत करेंगें। जगदगुरु शंकराचार्य गोवर्द्धन पीठ कूवीमाय स्वामी अधोक्षजानंद महाराज, चित्रकूट के संत मदन गोपाल दास, रामजी दास, दिव्यजीवन दास, दीनदयाल दास मौजूद रहेंगे। आठ मार्च को सांस्कृतिक कार्यक्रमों में पूजा अग्रवाल का कथक नृत्य, नौ मार्च को नृत्य कलागृह की नृत्य नाटिका, दस मार्च को सांस्कृतिक कला संगम नई दिल्ली की संपूर्ण रामायण पर नाटिका, 11 मार्च को अजय मिश्रा मुंबई के भजन, तृप्ति शाक्य लखनऊ के भजन, सुजाता केशरी के लोकनृत्य, 12 मार्च को मेनिका मिश्रा लखनऊ के लोकगीत आदि मनोहारी प्रस्तुतियां विशेष आकर्षक रहेंगी।
पूर्व सांसद भैरो प्रसाद मिश्र ने कहा कि रामायण मेले के 50 वर्ष हो चुके हैं। इस बार 51वां महोत्सव विशेष होगा। इस मौके पर शिवमंगल शास्त्री, राजाबाबू पांडेय, मनोज मोहन गर्ग, राजेंद्र मोहन त्रिपाठी, मो. यूसुफ, कलीमुद्दीन बेग, पप्पू श्रीवास्तव, डॉ. धनश्याम अवस्थी, हेमेंद्र मिश्रा, इम्त्यिाज उर्फ लाला व रमेश द्विवेदी आदि मौजूद रहे।