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पंचमुखी हनुमान मंदिर पनकी के महंत होंगे कानपुर के पहले महामंडलेश्वर

Thu, 06 Dec 2018 05:10 PM IST
राहुल शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर

सार

- अगले वर्ष प्रयागराज में होने वाले कुंभ में दी जाएगी उपाधि 
- दिगंबर अखाड़ा के महंत नृत्यगोपाल दास से ग्रहण की है दीक्षा 
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श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर पनकी के महंत जितेंद्र दास
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विस्तार
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श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर, पनकी के महंत जितेंद्र दास कानपुर शहर से पहले महामंडलेश्वर होंगे। उन्हें यह उपाधि वर्ष 2019 में प्रयागराज में होने वाले कुंभ के दौरान दी जाएगी। महामंडलेश्वर बनने के लिए जितेंद्र दास तीन करोड़ हनुमान महामंत्र का जप कर रहे हैं।
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उन्होंने सिले हुए वस्त्रों का भी परित्याग कर दिया है। रोज वह दस हजार महामंत्र जप रहे हैं। बता दें कि कानपुर से अभी तक कोई महामंडलेश्वर नहीं हुआ है।   

महंत जितेंद्र दास दिगंबर अखाड़ा (अयोध्या) से जुड़े हैं। यह अखाड़ा जगद्गुरु रामानुजाचार्य (वैष्णव) का है। वर्तमान में देशभर में दस हजार मंदिरों में इस अखाड़े के महंत हैं। महंत के बाद अगला पद महामंडलेश्वर का होता है।
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श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर पनकी के महंत जितेंद्र दास
इस वक्त देश में 399 महामंडलेश्वर हैं। वर्ष 2016 में उज्जैन में हुए कुंभ के दौरान गुरु नृत्यगोपाल दास ने पनकी महंत जितेंद्र दास का चयन 400वें महामंडलेश्वर के लिए किया था। इसके लिए तीन करोड़ बार हनुमान महामंत्र का जप करने को कहा था। जितेंद्र दास ने बताया कि वह 20 मई 2016 से महामंत्र का लगातार जप कर रहे हैं। 

इन नियमों का करेंगे पालन
- सिले हुए वस्त्र नहीं पहनेंगे
- एक प्रहर ही भोजन करेंगे
- अपने घर जहां के निवासी है नहीं जा सकेंगे
- धीरे-धीरे मंत्रों का जप भी बढ़ाना होगा
 
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