माघी पूर्णिमा बुधवार को है। अमृत स्नान के लिए कानपुर से ट्रेनों, बसों और खुद के वाहनों से श्रद्धालु प्रयागराज जा रहे हैं। सड़क पर एकाएक लोड बढ़ने से प्रयागराज हाईवे पर जगह-जगह जाम लग रहा है। प्रयागराज तक जाने में चार घंटे की जगह लगभग आठ घंटे लग रहे हैं। इसके बाद महाकुंभ तक 20 किमी पैदल भी चलना पड़ रहा है।
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रोडवेज बस के एक चालक ने बताया कि प्रयागराज जाने वाली बसें नेहरू पार्क के पास बनाए गए डिपो पर रोकी जा रही हैं। यह मेला क्षेत्र से करीब 20 किमी. पहले है। यहां से महाकुंभ जाने के शटल सेवा है, लेकिन भीड़ ज्यादा होने से सबको यह सेवा नहीं मिल पा रही है। इससे पैदल जाना मजबूरी है। वहीं, हाईवे की एक पट्टी पर वाहनों का संचालन पूरी तरह से ठप है। ऐसे में पीछे की बसें लगभग दो-दो दिन तक एक ही जगह खड़ी हैं। हाईवे पर भोजनालय वाले स्थानों पर भीषण जाम है। यह स्थिति रूमा से शुरू हो जाती है। बैरियर भी लगाए गए हैं। मलवां, फतेहपुर, सैनी और मूरतगंज आदि प्रमुख स्थानों पर जाम की स्थिति है। इसी तरह प्रयागराज-चित्रकूट, लखनऊ-प्रयागराज, जबलपुर-प्रयागराज आदि मार्ग भी जाम हैं।
रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक अनिल कुमार ने बताया अमृत स्नान पर यात्रियों की सुविधा के लिए प्रयागराज रूट पर तीन दिनों में 500 से ज्यादा बसें भेजी जानी हैं। सोमवार रात तक 24 घंटे में 278 बसें यात्रियों को लेकर गईं। यहां से गईं बसें प्रयागराज के स्टेशन छिवकी, नैनी, सूबेदारगंज आदि पर शटल सेवा में भी लगाई जा रही हैं, जिसके चलते कुछ बसें वहां फंस गईं। अमृत स्नान पर पहुंचने के लिए मंगलवार रात को भीड़ जुटने की संभावना के चलते अनुबंधित बसें भी चलाने की तैयारी कर ली गई। वहीं, दिल्ली, लखनऊ और झांसी रूट की बसों के फेरे भी घटा दिए गए हैं। बसों के प्रयागराज जाने से कुछ समस्या जरूर हुई है, लेकिन नियमित तौर पर अन्य रूटों पर भी बसें चलाई जा रही हैं।
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स्टेशन पर उमड़ी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
अमृत स्नान के लिए गईं 87 ट्रेनें, सात मेमू स्पेशल भी चलीं
प्रयागराज जाने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ मंगलवार दोपहर दो बजे से सेंट्रल स्टेशन पर उमड़ने लगी। 24 घंटे में लगभग 87 नियमित और स्पेशल ट्रेनें प्रयागराज को गईं। शाम करीब पांच बजे यात्रियों की भीड़ बढ़ने पर प्रयागराज रूट पर सात स्पेशल मेमू चलाई गईं। एक-एक स्पेशल मेमू दिल्ली और झांसी रूट पर रवाना की गईं। एसीएम संतोष कुमार त्रिपाठी ने बताया कानपुर से तीन लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के ट्रेन से प्रयागराज पहुंचने का अनुमान है। यात्रियों की सुविधा के लिए प्रयागराज के लिए प्रतिदिन 50 से ज्यादा नियमित और स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। गोविंदपुरी और सेंट्रल स्टेशन के बीच अलग-अलग स्थानों पर दस मेमू हर समय चलने को तैयार हैं।
स्टेशन पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
सेंट्रल स्टेशन पर बढ़ाया फोर्स, सिविल ड्रेस में भी जवान तैनात
एसीएम त्रिपाठी के मुताबिक, यात्रियों की सुरक्षा के लिए सेंट्रल स्टेशन पर फोर्स बढ़ाया गया है। जीआरपी और आरपीएफ की क्यूआरटी की ड्यूटी प्लेटफॉर्म नंबर एक से पांच के बीच नियमित तौर पर लगाई गई हैं। एक कंपनी पीएसी भी तैनात है। कुछ सुरक्षाकर्मी स्टेशन परिसर में सिविल ड्रेस में भी तैनात हैं। सेंट्रल स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक की तरफ दो मेडिकल कैंप भी लगाए गए हैं। यहां यात्रियों के लिए निशुल्क प्राथमिक उपचार की व्यवस्था है।
स्टेशन पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
होल्डिंग एरिया तैयार, वापसी में रोडवेज बसें भी उपलब्ध रहेंगी
एसीएम के मुताबिक, प्लेटफॉर्म नंबर एक की ओर खाली पड़ी जगह पर होल्डिंग एरिया बनाया गया है। स्टेशन से हर पंद्रह से बीस मिनट में प्रयागराज के लिए ट्रेन है। प्रयास है यात्रियों को एक जगह एकत्र न किया जाए, इसके लिए होल्डिंग एरिया में ठहराया जाएगा। ट्रेन उपलब्ध होने पर सुरक्षाबल यात्रियों को प्लेटफॉर्म तक लेकर आएंगे। अमृत स्नान कर लौटने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए रोडवेज बसों का विकल्प है।
यात्रियों को प्रयागराज पहुंचाने के लिए 50 से ज्यादा नियमित व स्पेशल ट्रेनें उपलब्ध हैं। सुरक्षा के दृष्टिकोण से आरपीएफ, जीआरपी के अलावा पीएसी भी तैनात की गई है। हर 15-20 मिनट में कानपुर से प्रयागराज रूट पर ट्रेनें उपलब्ध हैं। - आशुतोष कुमार सिंह (डिप्टी सीटीएम, सेंट्रल स्टेशन)