दीवानी न्यायालय परिसर माती में लगी मेगा लोक अदालत में कुल 1006 वादों का निस्तारण कराया गया। इसके साथ 14 लाख 68 हजार रुपए घायल, पीड़ित आश्रितों को दिलाया गया।
रविवार को दीवानी न्यायालय परिसर माती में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर मेगा लोक अदालत का आयोजन किया गया।
जिला जज रवींद्रनाथ मिश्रा के निर्देशन में लगी अदालत का संचालन सिविल जज मोहिंदर कुमार ने किया। भोगनीपुर, घाटमपुर, अकबरपुर, बिल्हौर, डेरापुर, रसूलाबाद की तहसीलों में लोक अदालतें लगी।
दीवानी न्यायालय में मोटर वाहन दुर्घटना प्रतिकर का मामला जिला जज रवींद्रनाथ मिश्रा ने 1 लाख 85 हजार रुपये में निस्तारित कराया।
दूसरा मामला संतराम की अदालत में 5 लाख 54 हजार रुपये में निस्तारित हुआ। अपर जिला न्यायाधीश अशोक कुमार ने मोटर वाहन दुर्घटना में 3 लाख 20 हजार रुपये में निस्तारण कराया।
वेदप्रकाश वर्मा ने मोटर दुर्घटना के वाद में 1 लाख 38 हजार में समाधान कराया। अपर जिला जज रामनरेश मौर्य ने 2 लाख 71 हजार रुपये बीमा कंपनी से पीड़ितों को दिलाए।
पारिवारिक न्यायाधीश एसएफ अशरफ की अदालत में भरण-पोषण के 5 वाद, वैवाहिक 10 वाद, पारिवारिक 13 वाद सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारित हुए।
अपर जिला जज मुकेश मिश्रा ने बिजली चोरी के 4 वाद निस्तारित कराए। सीजेएम गुलाब सिंह की अदालत में फौजदारी के 131 वादों का निस्तारण कर 38 हजार 450 की धनराशि, एसीजेएम अनिल कुमार की अदालत में फौजदारी के 2 वाद निस्तारित किए। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजेश कुमार की अदालत में फौजदारी के 13 वाद निस्तारित कर 2880 रुपये वसूले गए।
अपर सिविल जज नूपुर की अदालत में फौजदारी के 37 वाद निस्तारित कर 1070 रुपये वसूले गए। सुनीता शर्मा की अदालत में भरण-पोषण के 10 मामले सुलझाए गए।
इसी क्रम में सभी तहसीलों में फौजदारी के 366 वाद, राजस्व के 218 वाद निस्तारित किए गए। अपर सिविल जज मोहिंदर कुमार ने बताया कि मेगा लोक अदालत में मोटर दुर्घटना के 5, पारिवारिक विवाद 29, राजस्व 218, लघु फौजदारी के 750 व बिजली चोरी के 4 वाद निस्तारित किए गए।
साथ ही 14 लाख 68 हजार रुपये की धनराशि मृतक एवं घायल पीड़ित आश्रितों को दिलाई गई। 68 हजार 360 रुपये अर्थदंड के रूप में वसूले गए। कुल 1006 वादों का निस्तारण कराया गया है।