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सदी का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण 27 को, इन राशियों पर पड़ेगा कुप्रभाव

Sat, 21 Jul 2018 04:33 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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डेमो पिक
सदी का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण 27 जुलाई को संपूर्ण भारतवर्ष में दिखाई देगा। जानकारों की मानें तो वर्ष 2099 तक भी इतना लंबा चंद्र ग्रहण देखने को नहीं मिलेगा। 

बलभद्र पीठाधीस्वर आचार्य विष्णु महाराज बता रहे हैं ग्रहण से जुड़ी विशेष बातें... 
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27 जुलाई को अगले हफ्ते लगने वाला चंद्र ग्रहण खग्रास चंद्रग्रहण होगा। खगोलविदों के मुताबिक यह सदी का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण होगा। आमतौर पर ग्रहण एक या डेढ़ घंटे की अवधि वाले होते हैं, लेकिन आगामी चंद्रग्रहण 4 घंटे तक रहेगा।
 
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कहा जा रहा है कि इतना लंबा चंद्र ग्रहण इसके बाद सदी के आखिर तक दिखाई नहीं देगा। इससे पहले 16 जुलाई 2000 में ऐसा ग्रहण लगा था। यह संयोग ही है कि ग्रहण वाले दिन ही यानी 27 जुलाई को गुरु पूर्णिमा भी है, इसलिए इसका महत्व बढ़ जाता है।
 

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चंद्र ग्रहण की शुरुआत चंद्रमा के उदय के साथ रात 11 बजकर 54 मिनट से होगी। ग्रहण का मध्यकाल रात 1 बजकर 54 मिनट पर होगा और ग्रहण की समाप्ति 3 बजकर 49 मिनट पर होगी। इस तरह ग्रहण की कुल अवधि 3 घंटे 55 मिनट की होगी।
 
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यह चंद्र ग्रहण भारत के अलवा ऑस्ट्रेलिया, एशिया, अफ्रीका, यूरोपीय देशों व अंर्टाकटिका में भी देखा जा सकेगा। खगोलविदों के अनुसार ग्रहण वाली रात मंगल भी पृथ्वी के बहुत नजदीक होगा और इस कारण चमकीला दिखाई देगा।

आगे की स्लाइड में पढ़ें-  ग्रहण का राशियों पर प्रभाव ... 
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 ग्रहण का राशियों पर प्रभाव 

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ग्रहण जिस राशि में घटित होता है उन राशि वालों पर अपना कुप्रभाव छोड़ता है। यह चंद्र ग्रहण मकर राशि में घटित हो रहा है, इसलिए मकर राशि वालों को सावधान रहने की जरूरत है। ग्रहण के कुप्रभाव से बचने के लिए उन्हें जाप करना चाहिए। यह ग्रहण मिथुन, मेष, वृष, कर्क, सिंह, कन्या, धनु, कुंभ राशि वालों के लिए भी कष्टकारी हो सकता है। हां, तुला, वृश्चिक और मीन राशि वालों के लिए यह शुभ होगा।
 
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इस दौरान सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक ही सीध में आ जाते हैं। ग्रहण के दौरान धरती की छाया चांद पर पड़ती है और यह धीरे-धीरे चांद को ढक लेती है। यह समय पूर्ण ग्रहण का होता है। इसके बाद ग्रहण की छाया कम होनी शुरू हो जाती है। ग्रहण समाप्त होने के समय को इसका मोक्ष काल माना जाता है। 

आगे की स्लाइड में पढ़ें- इन बातों का रखें ध्यान ...

इन बातों का रखें ध्यान 

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- मंदिरों के द्वार बंद हो जाते हैं, इसलिए घर में ही भगवान का स्मरण करना चाहिए।
- गंगा आदि पवित्र नदियों में स्नान कर यथा शक्ति दान अवश्य देना चाहिए।
- घर में रखे हुए पानी में कुशा डाल देनी चाहिए, इससे पानी दूषित नहीं होता है।
- देवमूर्ति का स्पर्श, मल-मूत्र का त्याग भी नहीं करना चाहिए।
- ग्रहण के सूतक समय में भोजन नहीं करना चाहिए।

आगे की स्लाइड में पढ़ें- शाम तीन बजे से सूतक मान्य होंगे... 

शाम तीन बजे से सूतक मान्य होंगे

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ग्रहण से 9 घंटे पूर्व सूतक काल आरंभ हो जाता है। सूतक काल में गर्भवती महिलाओं को विशेष ध्यान रखना चाहिए। उन्हें ग्रहण के दौरान घर के अंदर ही रहना चाहिए, ताकि उन पर ग्रहण की छाया न पड़े। 
 
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यह चंद्रग्रहण सेनानायक, धर्म नेता, कथावाचक, कर्मकाण्डी पन्डित, उधोगपति, प्रशासक, महिला विशेष तथा समुदाय विशेष, मस्त्य मछली उधोगी, जड़ी बूटी विज्ञाता पर प्रभार सूचक एवं दर्शन योग्य नहीं है। कंदमूल, सुपाड़ी, गुड़, तेल, लाल रंग की वस्तु, चावल, सोना, मोती, घी, आदि वस्तु का व्यवसाय भावी लाभप्रद बनेगा। 
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