लखनऊ-कानपुर मेट्रो के लिए एलएमआरसी (लखनऊ मेट्रो रेल कारपोरेशन) से फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार कराई जाएगी। एक हफ्ते में रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट आते ही डीपीआर बनवाई जाएगी। यह फैसला सोमवार को कमिश्नर की अध्यक्षता में हुई बैठक में हुआ।
उधर, इस कार्य के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति भी गठित की गई है। कमिश्नर कैंप कार्यालय में आयोजित इस बैठक में यहां से लखनऊ तक प्रस्तावित मेट्रो रेल परियोजना की समीक्षा की गई।
बताया गया कि लखनऊ में अमौसी से बंथरा होते हुए सरैया पुल होते हुए गुरुदेव पैलेस चौराहे तक मेट्रो रेल संचालन के लिए ट्रैक बिछाया जाएगा। इस परियोजना की कुल लागत में से पचास प्रतिशत धन यूपीएसआईडीसी खर्च करेगा। शेष पच्चीस-पच्चीस प्रतिशत धन केडीए और लीडा (लखनऊ इंड्रस्ट्रियल डवलपमेंट अर्थारिटी) वहन करेगा।
इधर, आयुक्त ने बताया कि मुख्य सचिव द्वारा फिजिबिलिटी अध्ययन कराने के लिए कमेटी गठित की गई है। इसमें लखनऊ और कानपुर मंडल के मंडलायुक्त, प्रमुख सचिव (आवास), औद्योगिक विकास आयुक्त, केडीए उपाध्यक्ष, लीडा के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी और उच्च स्तरीय विकास समिति के नीरज श्रीवास्तव शामिल होंगे।
बैठक मंडलायुक्त मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन ने की। इस मौके पर केडीए उपाध्यक्ष जयश्री भोज, मुख्य नगर नियोजक स्वराज गांगुली, यूपीएसआईडीसी के अफसर शामिल रहे।