कानपुर। यूपी बोर्ड परीक्षा के परिणाम आने के बाद मूल्यांकन को लेकर छात्रों और अभिभावकों में असंतोष देखने को मिल रहा है। खासकर हाईस्कूल में ज्योमैट्रिकल आर्ट विषय में अपेक्षा से कम अंक दिए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। इंटरमीडिएट में हिंदी और अंग्रेजी विषयों में भी छात्रों को उम्मीद से कम अंक मिलने से उनका कुल प्रतिशत प्रभावित हुआ है।
छात्रों का कहना है कि अन्य विषयों में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने के बावजूद ज्योमैट्रिकल आर्ट में केवल 60 से 80 अंक दिए गए जिससे कई मेधावी छात्रों का ओवरऑल प्रतिशत गिर गया है और प्रदेश के टॉप 10 सूची में स्थान बनाने से चूक गए। वैकल्पिक और स्कोरिंग माने जाने वाले विषयों में कम अंक मिलने से इस बार पासिंग प्रतिशत और टॉपर्स की सूची पर भी असर पड़ा है।
ओंकारेश्वर सरस्वती विद्या निकेतन की प्रबंध निदेशक डॉ. पूजा अवस्थी ने बताया कि इंटरमीडिएट छात्रों ने हिंदी विषय में भी कम अंक मिलने की शिकायत की है। कई छात्रों का कहना है कि पेपर अच्छा होने के बावजूद अपेक्षित अंक नहीं मिले जिससे रिजल्ट प्रभावित हुआ है। हिंदी में कम अंक आने से आगे की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं पर असर पड़ सकता है। छात्रों ने बोर्ड से दोबारा कॉपियों की जांच कराने और मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने की मांग की है।
इसी तरह बीएनएसडी शिक्षा निकेतन के प्रधानाचार्य डॉ. बृजमोहन सिंह ने कहा कि इंटर के अंग्रेजी विषय में भी कई छात्रों के अंक अपेक्षा से कम रहे। अन्य विषयों में 90 से ऊपर अंक पाने वाले छात्रों को अंग्रेजी में 70 अंक से संतोष करना पड़ा।