टर्र के मेले में ऊंट पर सवार लोग।
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कानपुर। ईद के दूसरे दिन चमनगंज में टर्र का मेला लगा। क्षेत्रीय के अलावा आसपास के इलाकों के लोग मेले में सपरिवार घूमने आए। यहां खाने-पीने के सामान, कपड़े, बच्चों के झूले, खिलौनों की दुकानें लगी थीं।
स्थानीय दुकानदारों के अलावा आसपास के लोगों ने भी दुकानें लगाईं। दोपहर के बाद मेले में लोगों की भीड़ बढ़ी। ऑल इंडिया सुन्नी उलमा काउंसिल के महासचिव हाजी मो. सलीस ने बताया कि टर्र का मेला डेढ़ सौ साल से अधिक समय से लग रहा है।
टर्र का मेला मोहम्मद अली पार्क से लेकर हलीम कॉलेज चौराहा तथा अजमेरी चौराहे से नाला रोड तक लगता है। हाजी सलीस और क्षेत्र के अजमल ने बताया कि ईद के दिन नई सड़क पर मेला लगता है। त्योहार के दूसरे दिन चमनगंज में टर्र का और तीसरे दिन इफ्तिखाराबाद में पर्र का मेला लगता है।
इफ्तिखाराबाद में बशीर इस्टेट रही है। मेले की व्यवस्था वहां के लोग देखते रहे है। यह मेला खासतौर पर बच्चों के लिए लगाया जाता है, जिससे वे ईद की खुशियां तीन-चार दिन तक मना सकें। सादिक और अख्तर ने बताया कि ईद का सारा दिन तो नमाज और इंतजाम में गुजरता है। इसके बाद इन मेलों में लोग घूम-फिर लेते हैं। परिवार भी साथ रहता है तो अच्छा लगता है।