कानपुर। विजयनगर स्थित श्री पंचेश्वर महादेव मंदिर में चल रहे भागवत महापुराण के 8वें दिन शुक्रवार को आचार्य प्रदीप महाराज ने रुक्मणी-श्रीकृष्ण विवाह का वर्णन किया।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण ने 16 हजार 108 विवाह किए, जिसमें पहला रुक्मिणी के साथ हुआ था। रुक्मिणी ने संकल्प लिया कि वह द्वारकानाथ कृष्ण से ही विवाह करेंगी।
उन्होंने सात श्लोक से एक प्रेम पत्र लिखा जिसमें अपनी बात व्यक्त की। अपने कुल पुरोहित को वह पत्र दिया कि किसी भी तरह द्वारकानाथ तक यह पहुंचा दीजिए।
भगवान ने पत्र को खोलकर नहीं देखा और ऐसे ही समझ गए कि पत्र में क्या लिखा है। इसके बाद मां रुक्मिणी जब गौरी माता का पूजन करने के लिए सखियों के साथ गईं तो वहीं भगवान ने हरण कर लिया। द्वारकापुरी ले जाकर रस्म रिवाज के साथ मां रुक्मिणी से प्रथम विवाह किया।