राम मंदिर आंदोलन के बाद कानपुर सीट पर कांग्रेस कभी बड़े अंतर से नहीं जीत पाई। 1984 में आखिरी बार कांग्रेस के एनसी चतुर्वेदी 36.51 फीसदी वोट के अंतर से लोकसभा चुनाव जीते थे। श्रीप्रकाश तीन बार जीते तो, लेकिन करीबी अंतर से ही जीत सके। भाजपा ने दस में से पांच चुनाव में बड़ी जीत हासिल की।
आजादी के बाद हुए पहले लोकसभा चुनाव में प्रतिद्वंदी को 52.02 फीसदी वोट के भारी भरकम अंतर से हराने वाली कांग्रेस भाजपा के गठन के बाद से कानपुर में एक बार भी बड़ी जीत हासिल करने में नाकाम रही है।
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1984 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुए लोकसभा चुनाव को छोड़ दें तो 1980 से 2019 के बीच हुए लोकसभा चुनाव में पार्टी सिर्फ एक बार जीत के अंतर के मामले में दहाई का आंकड़ा पार कर सकी।
1980 में आरिफ मोहम्मद खान कानपुर सीट से चुनाव लड़े थे और स्थानीय नेताओं के हल्के फुल्के विरोध के बावजूद वह 20.95 प्रतिशत वोट के अंतर से जीत हासिल करने में कामयाब रहे थे। इसके बाद पूर्व सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल तीन बार लोकसभा सदस्य बने लेकिन हर बार करीबी अंतर से ही जीत नसीब हुई।
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वहीं, 1980 में गठित हुई भाजपा ने राम मंदिर आंदोलन के बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। पार्टी के कद्दावर नेता जगत वीर सिंह द्रोण 1991,1996 व 1998, डॉ. मुरली मनोहर जोशी 2014 और सत्यदेव पचौरी 2019 के चुनाव में जीते और प्रतिद्वंदी कांग्रेस को पंद्रह फीसदी वोटों से ज्यादा के अंतर से ही हर बार शिकस्त दी। जाहिर है, कांग्रेस के सामने चुनाव दर चुनाव गिरते वोट प्रतिशत को वापस हासिल कर जीत का परचम लहराने की पहाड़ सी चुनौती मुंह बाए खड़ी है।
कभी श्रमिक नेता तो कभी राम मय माहौल ने छीनी सत्ता
कांग्रेस ने 1952 के पहले चुनाव के बाद हुए उप चुनाव में भी जीत हासिल कर कानपुर को अपना अभेद्य किला बनाने का प्रयास किया। हालांकि 1957 में ही कद्दावर श्रमिक नेता एसएम बनर्जी ने लगातार चार लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को जीत के आसपास तक भी नहीं पहुंचने दिया।
1977 में इमरजेंसी के बाद की हवा में जनता पार्टी ने लगभग आधे वोटों के अंतर से हरा दिया। हालांकि 1980 में पार्टी जीली लेकिन तब तक भाजपा और उसका रामरथ देशभर में रवाना हो चुका था। 1984 में भले ही कांग्रेस जीत हासिल करने में कामयाब रही लेकिन 1989 में सीपीएम के बाद भाजपा दूसरे नंबर और फिर जीत का सेहरा अपने सर सजाने लगी।
कौन कितने अंतर से जीता चुनाव
साल प्रत्याशी पार्टी जीत का अंतर
2019 सत्यदेव पचौरी भाजपा 18.50
2014 डॉ. मुरली मनोहर जोशी भाजपा 26.70
2009 श्रीप्रकश जायसवाल कांग्रेस 03.69
2004 श्रीप्रकाश जायसवाल कांग्रेस 0.91
1999 श्रीप्रकाश जायसवाल कांग्रेस 5.42
1998 जगत वीर सिंह द्रोण भाजपा 19.99
1996 जगत वीर सिंह द्रोण भाजपा 26.50
1991 जगत वीर सिंह द्रोण भाजपा 28.20
1989 सुभाषिनी अली सीपीएम 13.32
1984 नरेश चंद्र चतुर्वेदी कांग्रेस 36.50
1980 आरिफ मोहम्मद खान कांग्रेस 20.95
1977 मनोहर लाल जनता पार्टी 45.87
1971 एसएम बनर्जी निर्दलीय 36.51
1967 एसएम बनर्जी निर्दलीय 2.71
1962 एसएम बनर्जी निर्दलीय 22.24
1957 एसएम बनर्जी निर्दलीय 9.39
1952 हरिहरनाथ शास्त्री कांग्रेस 52.02