आवास विकास तिराहे के पास खोखे में दुकान रखे बबलू भी चुनाव की चर्चा में व्यस्त रहते हैं। रात को उनकी दुकान पर दो-चार लोग इसके लिए पहुंच जाते हैं। बबलू पान लगाते समय चुनाव का माहौल पूछना नहीं भूलते हैं। बस उनका एक ही सवाल होता है कि कौन जीत रहा है। वहां खड़े युवक ने उनके मन की बात नहीं की तो कत्था लगाने के बाद पान बनाना वहीं रोक दिया और बहस शुरू हो गई। किसी ने मोदी की तारीफ की तो कोई कांग्रेस के न्याय का गुणगान करता दिखा। वहीं, राजू गठबंधन के मजबूत होने का दावा कर जातीय गणित समझाने लगे।
आलू और विकास की नहीं हो रही बात
अमृतपुर तहसील पहुंचने पर वहां अधिवक्ता प्रभाकर त्रिवेदी पूछने पर बोले, भाई चुनाव का शोर इस बार कुछ कम है। पर जितना है उसमें मुद्दे गायब हैं। आलू पर इस बार सब चुप्पी साधे बैठे हैं। गंगा के किनारे के गांवों को बाढ़ से बचाने के लिए कोई योजना किसी के पास नहीं है। अमृतपुर निवासी आदित्य ने कहा कि पिछली बार से इस बार मोदी लहर थोड़ी कम है।