उन्होंने कहा कि सपा और कांग्रेस के राज में आलिया, मालिया, जमालिया (आतंकवादी) घुसपैठ करते थे, लेकिन माेदी के जमाने में भारत सर्जिकल स्ट्राइक करता है और घर में घुसकर मारता है। राहुल गांधी कहते हैं कि 370 वापस लाएंगे। ट्रिपल तलाक भी वापस लाएंगे। गलती से भी यह शहजादे वापस आए तो राम मंदिर में बाबरी ताला लगाने का काम करेंगे। यह लोग आतंकवादियों को क्लीन चिट देने वाले लोग हैं। एक बार पहले भी दोनों शहजादे इकट्ठा हुए थे, लेकिन जनता ने सूपड़ा साफ कर दिया था।
उन्होंने कहा कि रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में अखिलेश, डिंपल, राहुल गांधी और उनकी बहन को निमंत्रण भेजा था, लेकिन वोट बैंक के नाराज हो जाने के डर से यह लोग अयोध्या नहीं आए। उन्होंने कहा कि हम नहीं डरते। अयोध्या में राम मंदिर बना है काशी विश्वनाथ का कॉरिडोर बन गया है, और सोमनाथ मंदिर को भव्य स्वरूप दिया जा रहा है। अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं, महिलाओं, किसानों और गरीबों का कल्याण करने का काम किया है। वहींं विपक्षियों ने मुख्यमंत्री के पद भी अपने ही परिवार में बांटे हैं। सपा को बाहर लड़ने की जरूरत ही नहीं है। हरदोई में तो उनकी बैठकों में आपस में ही झगड़ा हो जाता है। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का भी जिक्र किया।
अटल जी को किया याद
भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी अपने कॅरिअर के शुरूआती दिनों में हरदोई की संडीला तहसील में आरएसएस के प्रचारक रहे थे। पूरे जनपद में उन्होंने संघ को मजबूती दी थी। अमित शाह ने बुधवार को अपने संबोधन की शुरूआत में ही हरदोई का अटल जी के कार्यक्षेत्र रहने का जिक्र किया। इसके साथ ही उन्होंने जनसंघ को आजादी के बाद दूसरे ही चुनाव में हरदाेई से जीत मिलने का उल्लेख भी किया।
हरदोई का पौराणिक महत्व बताया, संडीला के लड़्डू का भी जिक्र
अमित शाह ने कहा कि हरदोई नारायण की धरती है। यहां नरसिंह और वामन अवतार हुए हैं। प्राचीन बूढ़े बाबा मंदिर, श्रीराम जानकी मंदिर, श्रवण देवी शक्तिपीठ, धोबिया आश्रम और मदारी पासी की भूमि हरदोई का उल्लेख करते हुए उन्होंने अपनी बात रखी। कहा कि मिश्रिख लोकसभा में आने वाले संडीला के लड्डू मशहूर हैं। संडीला वाले अब की बार 400 लड्डू खिलाने का वादा करें।