वह स्वास्थ्य और अधिक उम्र की वजह से पार्टी में काफी दिनों से सक्रिय नहीं हैं। अजय कपूर के जाने से कांग्रेस में एक नई बात यह होगी कि अब कांग्रेस पार्टी में नए नेताओं को आगे आने का मौका मिलेगा। इधर अजय कपूर के भाजपा में आ जाने से स्थानीय इकाई में भी खींचतान मचेगी।
अजय कपूर, क्योंकि तीन बार के विधायक रहे है और लगातार चुनाव भी लड़ते आए हैं। ऐसे में वह भाजपा में भी पूरी कोशिश करेंगे की उन्हें कोई मजबूत जगह मिले। ऐसे में अजय कपूर के भाजपा में आने से भाजपाइयों में जहां पार्टी का कुनबा बढ़ने की खुशी है। वहीं पर पार्टी के जो लोग आने वाले समय में विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं उनके अंदर कस मकस भी है।