चित्रकूट जिला मुख्यालय से लगे गांव डिलौरा में लॉकडाउन के बीच बिना बारात के पहुंचे दूल्हे ने सादगी से विवाह किया। शादी परंपरागत तरीके से हुई। लॉकडाउन के कारण दुल्हन को विदा नहीं किया गया।
डिलौरा गांव के रामस्वरूप निषाद की पुत्री उषा देवी का जिले के राजापुर क्षेत्र के खंडेहा गांव निवासी दशरथ के पुत्र रविंद्र के साथ बुधवार परंपरागत तरीके से विवाह हुआ। लॉकडाउन के कारण दूल्हा दो दिन पहले ही डिलौरा गांव के एक रिश्तेदार के यहां पहुंच गया था।
जो शादी के शुभ मुहूर्त के समय दुल्हन के घर पहुंचा। जहां सादगी से विवाह रचाया गया। इस विवाह में न तो शहनाई बजी न ही घराती व बाराती जुटे। दुल्हन के परिवार के सदस्य बहुत गरीब हैं। दुल्हन की मां लक्षमीनियां ने बताया कि उसका पति बीमार रहता है। एक पुत्र लालजी है जो दो साल से जेल में बंद है।