कानपुर की मस्जिदों में भी अलग-अलग स्थानों की तब्लीगी जमातें रुकी हुई हैं। इनमें अफगानिस्तान समेत 10 जमातों के 127 लोग हैं। अफगानिस्तान की जमात में एक व्यक्ति ईरान, एक ब्रिटेन और छह अफगानिस्तान के हैं। यह जमात बाबूपुरवा की सुफ्फा मस्जिद में रुकी थी। बुधवार को बाबूपुरवा सुफ्फा मस्जिद में रुकी जमात में पकड़े गए 8 विदेशी जमातियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
शहर काजी हाफिज अब्दुल कुद्दूस हादी ने बताया कि लॉकडाउन की वजह से इन्हें रोक दिया गया है। इस संबंध में डीएम डॉ. ब्रह्मदेव राम तिवारी से कई बार बात हुई है। जब डीएम अनुमति देंगे तो जमातों को अपने स्थानों के लिए रवाना कर दिया जाएगा।
शहर काजी ने बताया कि तब्लीगी जमात के दोनों गुटों के प्रमुख मौलाना साद निजामुद्दीन मरकज और मौलाना अहमद लाट दिल्ली ईदगाह मरकज से भी तब्लीगी जमातों के संबंध में ब्यौरा ले लिया गया है। जब लॉकडाउन हुआ था तब शहर में अफगानिस्तान, यमुनानगर हरियाणा, गुजरात मिलाकर 10 जमातें थीं।
ये अलग-अलग मस्जिदों में रह रही हैं। इस संबंध में डीएम को जानकारी दी है। जमातों में आए लोग मस्जिदों के अंदर ही रह रहेे हैं, उन्हें बाहर जाने नहीं दिया जा रहा है। कोरोना के संक्रमण के खतरे के मद्देनजर बचाव के सारे एहतियात बरते जा रहे हैं।
जमातों का ब्योरा
- अफगानिस्तान की जमात से आठ लोग बाबूपुरवा की सफ्फा मस्जिद में।
- यमुना नगर की जमात से 12 लोग मछरिया में।
- बिजनौर की अलग-अलग चार जमातों से 62 लोग जाजमऊ, कुलीबाजार, मछरिया, बेगमपुरवा में।
- बांदा की जमात से आठ लोग इफ्तिखाराबाद में।
- मेरठ की जमात से 12 लोग कुलीबाजार में।
- ललितपुर की जमात से 15 लोग मुंशीपुरवा में।
- गुजरात की जमात से 10 लोग मछली बाजार में।