बांदा के तकरीबन 50 गांव में छिपकली ने बिजली बंद करवा दी है। केवल इतना ही नहीं ऐसा होने से गांव वालों की जान पर बन आई है। गरीब ग्रामीण त्राहिमाम-त्राहिमाम कर रहे है।
दरअसल, ओरन इलाके के मेन पावर हाउस में छिपकली ने घुसकर मशीनों में फाल्ट कर दिया। इससे ओरन कस्बा समेत आसपास के करीब आधा सैकड़ा गांवों में बत्ती गुल हो गई है। इस भीषण गर्मी में लोग पहले से ही गरमी से त्रस्त हैं। अब ऊपर से बिजली कटजाने से मुसीबत और बढ़ गई है। लोगों के पास अपनी प्यास भुझाने तक के लिए पानी नहीं है। नतीजा लोग बूंद-बूंद को तरस रहे हैं।
लगातार बीते 20 घंटे से इन गांवों में अंधेरा है। पेयजल आपूर्ति बाधित है। लोग बूंद-बूंद पानी को मोहताज हो गए। भीषण गर्मी में बोर्ड परीक्षार्थियों की तैयारियां भी बिना बिजली नहीं हो पा रही। इससे गांव वालों का अपने बच्चों का भविष्य भी खतरे में पड़ता नजर आ रहा है।
इस पर जब पावर हाउस में संविदा कर्मियों से बात हुई तो उन्होंने बताया कि ओएसडी में छिपकली घुस जाने से ट्रिप कर गई है। मंडल मुख्यालय से कर्मचारियों को बुलाया गया। लेकिन मशीन दुरुस्त नहीं हो पा रही है।
उप केंद्र से ओरन कस्बा समेत करीब 50 गांव जुड़े हैं। लगातार बिजली गुल होने से लोग गर्मी से बिलबिला उठे हैं। सुबह की पेयजल आपूर्ति भी बाधित रही। इससे नगर व गांवों के लोग बूंद-बूंद पानी को तरस गए। एसडीओ बबेरू ने बताया कि पावर हाउस की मशीन में छिपकली की वजह से फाल्ट आ गई है। उन्होंने कर्मचारियों को लगाया है।
जल्द ही लाइन दुरुस्त होगी। उधर, बिजली उपभोक्ताओं ने बिजली विभाग की लापरवाही पर नाराजगी जाहिर की। लोगों का कहना है कि गर्मी में आए दिन लाइनों व मशीनों में फाल्ट से बिजली आपूर्ति ठप हो जाती है। कई-कई दिन सुधार नहीं किया जाता। नगर में बमुश्किल 4-6 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। जबकि बोर्ड परीक्षा के समय छात्र-छात्राओं को भारी दुश्वारियां झेलनी पड़ रही हैं। रात में बिजली गुल होने से लोगों ने गर्मी से बचने के लिए छतों व मैदान में समय गुजारा।