फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शेरनी नंदनी ने यहां दिया दो शावकों को जन्म, लेकिन अपने ही बच्चों को क्यों मार देते शेर-शेरनी

Wed, 25 Oct 2017 01:43 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
चिड़ियाघर की शेरनी ने दिए दो शावक-सीसीटीवी की फोटो - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
शेरनी नंदनी ने छह महीने के दूसरी बार शावकों को जन्म देने के बाद कानपुर के प्राणी उद्यान में खुशी का माहौल है लेकिन शेर-शेरनी के द्नारा अपने ही बच्चों के मारे जाने पर यहां के कर्मचारी चौकन्ने है। बच्चों को मारने के पीछे क्या है वजह आइए जानते हैं-
विज्ञापन

डेमो
चिड़ियाघर में शेरनी नंदिनी ने सोमवार शाम को दो और शावकों को जन्म दिया। छह महीने पहले सात अप्रैल को नंदिनी ने तीन शावकों को जन्म दिया था। दो की मौत हो गई थी, एक मादा शावक ही बचा था। अब कानपुर चिड़ियाघर में शेर अजय, शेरनी नंदिनी और तीन शावक समेत पांच शेर शेरनी हो गए हैं। छह महीने में शेरनी के दूसरी बार मां बनना कानपुर प्राणि उद्यान के लिए ऐतिहासिक है।​
 

डेमो
गलत डिजाइन की वजह से नहीं बचते थे शावक
कभी शेर-शेरनी की दहाड़ से गूंजने वाला चिड़ियाघर कई सालों तक बिना शेर-शेरनी के रहा। यहां पर शावकों को जन्म देते ही उनकी मौत हो जाती थी। या शेर-शेरनी ही अपने बच्चों को मार देते थे। इसके पीछे यहां शेर के बाड़े और प्रसूति गृह की गलत बनावट जिम्मेदार थी। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आरके सिंह बताते हैं रायपुर से अजय और नंदिनी को लाने के पहले बाड़े की तरफ से निकलने वाले एक अन्य रास्ते को बंद कराया गया। यहां शोरगुल और लोगों की चहलकदमी की वजह से शेरनी को प्रजनन करने में समस्या होती थी। शावकों के शरीर पर भी प्रभाव पड़ता था। शावकों के कमजोर होने पर शेर-शेरनी खुद ही उन्हें मार देते थे। अब नया डिजाइन शेरनी के प्रजनन, गर्भधारण और प्रसव के अनुकूल बनाया गया है। यही वजह है कि अब जू भी शेर-शेरनी के बेहतरीन ब्रीडिंग सेंटर के तौर पर विकसित हो रहा है। इसके पहले बाघिन त्रुशा भी चार शावकों को जन्म दे चुकी है।
विज्ञापन

डेमो
बाड़े में बने प्रसूति गृह में नंदिनी ने दिया जन्म
नंदिनी ने अपने बाड़े में बनाए गए प्रसूति गृह में दोनों शावकों को जन्म दिया। सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक पहला शावक सोमवार शाम चार बजे और दूसरा शाम करीब साढ़े सात बजे जन्मा। जू चिकित्सकों को तीसरे शावक होने की भी उम्मीद थी। क्योंकि इसके पहले भी नंदिनी ने तीन शावकों को जन्म दिया था। अजय और नंदिनी को 11 दिसंबर 2016 को रायपुर के नंदनवन चिड़ियाघर से लाया गया था। जू निदेशक दीपक कुमार ने बताया कि शेरों की बढ़ती संख्या चिड़ियाघर और वन्य प्रेमियों के लिए सुखद है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें