डायरेक्टर ने बताया कि करीब दस दिन बाद शावकों की आंखें खुलेंगी। जेसिका और उसके शावक पूरी तरह से स्वस्थ हैं। शावक दूध भी पी रहे हैं। सफारी में अभी तक जेसिका के अलावा चार बड़े शेर और तीन शावक थे। जसिका के चार बच्चों को मिलाकर शेरों का कुनबे की संख्या 12 हो गई है।
गुजरात से सफारी में आठ शेर और आने हैं। इन शेरों की सुपुर्दगी का प्रमाणपत्र गुजरात सरकार पहले ही सफारी के डायरेक्टर को सौंप चुकी है। गर्मी के कारण फिलहाल शेरों की गुजरात में ही देखभाल की जा रही है। उनकी देखभाल के लिए सफारी के कर्मचारियों को लगाया गया है। डायरेक्टर वीके सिंह ने बताया कि गुजरात से शेरों को 15 जुलाई के बाद लाया जाएगा। इसके लिए जल्द ही आगे का कार्यक्रम तय कर लिया जाएगा।