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बाघिनी त्रुशा के बाद अब शेरनी नंदिनी ने दिया 2 शावकों को जन्म, 6 ‘नन्हें मेहमानों’ के आने से खुशी

Tue, 11 Apr 2017 06:12 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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शेर अजय और अपने दो नवजात शावकों के साथ नंदिनी
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चार दिनों के अंदर यूपी के कानपुर शहर में दो बड़ी खुशखबरियां मिली हैं। देश में घटती जा रही शेरों और बाघों की संख्या बढ़ने की खबर से केंद्र और प्रदेश सरकार को भी खुश कर दिया है। सोमवार की सुबह कानपुर जू में शेरनी नंदिनी ने दो शावकों को जन्म दिया है। इससे ठीक तीन दिन पहले त्रुशा नाम की बाघिन ने चार बच्चों को जन्म दिया था।  रायपुर से कानपुर प्राणि उद्यान में 12 दिसंबर 2016 को आये शेर अजय और शेरनी नंदिनी के बाड़े में दो नन्हें बच्चे जन्म ले चुके हैं। सोमवार तड़के 3 बजे के करीब दो नंदिनी ने दो शावकों को जन्म दिया। इससे चिड़ियाघर प्रशासन में खुशी की लहर दौड़ गई। हो भी क्यों न। आखिर चार दिनों के भीतर कानपुर चिड़ियाघर में 6 ‘नन्हें मेहमान’ जन्म ले चुके हैं। 
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कानपुर जू प्रशासन में खुशी का माहौल

बाघिन त्रुशा के बच्चे
देश में लगतार बाघों की संख्या कम हो रही है। इस कड़ी में कानपुर के चिड़ियाघर में शुक्रवार को त्रुशा नाम की बाघिन ने 4 बच्चों और सोमवार की सुबह शेरनी नंदिनी ने 2 शावकों को जन्म दिया जिस पर कानपुर जू प्रशासन में खुशी का माहौल है। अब कानपुर जू में कुल 11 बाघ हो गये, जो कि उत्तर प्रदेश के चिड़ियाघरों में कानपुर में सबसे ज्यादा टाइगर हो गये है। चिड़ियाघर के डॉक्टर आर के सिंह ने बताया कि सोमवार को शेरनी नंदिनी ने दो शावों को जन्म दिया है। दोनों स्वस्थ हैं। सीसीटीवी कैमरों से इनपर नजर रखी जा रही है। इससे पहले 7 अप्रैल की रात कानपुर चिड़ियाघर में त्रुशा नामक बाघिन ने 4 बच्चों को जन्म दिया था। उन्होंने बताया कि शेरनी और बाघिन के बच्चे पूरी तरह से स्वस्थ है। प्रशांत नाम के बाघ को दो साल पहले फर्रुखाबाद से लाया गया था।  वो बाघिन त्रुशा के साथ बन्द था शुक्रवार देर रात त्रुशा ने 4 शावकों को जन्म दिया था। अभी शेरनी नंदिनी और बाघिन त्रुशा के बाडे़ में सीसीटीवी से निगरानी की जा रही है जिससे कोई गड़बड़ न हो सके। बाघों की संख्या इस समय सबसे ज्यादा कानपुर जू में है इन छह  नये मेहमानों ने कानपुर प्राणि उद्यान को यूपी में नंबर बना दिया है।  
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