ग्रीन पार्क में डे-नाइट मैच में बाधा बन रही डायरेक्टर पैवेलियन टीन शेड की परछाई की समस्या को दूर करने का काम शुरू हो गया है। इसके लिए पैवेलियन में 24 फ्लड लाइट लगाई जा रही हैं। दरअसल, फ्लड लाइट जलने पर टीन शेड की परछाई मैदान पर पड़ती है। इस कारण डे नाइट मैच नहीं हो पा रहे हैं। चर्चा यह भी है कि शहर में आईपीएल होने की दिशा में यह एक और कदम है। आईपीएल की तकनीकी टीम भी यहां जल्द आने वाली है।
ग्रीनपार्क में वर्ष 2002 में करीब पांच करोड़ की लागत से चार टॉवर लगाए गए थे। इनमें ही फ्लड लाइटें लगाई गई थीं। करीब तीन साल पहले नया डायरेक्टर पैवेलियन बनकर तैयार हुआ। इसकी ऊंचाई मानक से अधिक हो गई। इस कारण पैवेलियन के पीछे लगी फ्लड लाइट जब जलतीं है तो टीन शेड की परछाई मैदान पर पड़ने लगती है। इससे यहां डे-नाइट मैच होने पर ग्रहण लगा है।
इस कारण टॉवर में लगी नीचे की 24 फ्लड लाइट खोलकर पैवेलियन के टीनशेड पर लगाई जा रही हैं। इससे पैवेलियन की परछाई अब मैदान पर नहीं पड़ेगी। इसके अलावा आईपीएल तकनीक समिति भी जल्द ग्रीन पार्क आने वाली है। समिति मैदान में फ्लड लाइट की स्थिति देखेगी।
समिति की रिपोर्ट के आधार पर ही यहां पर आईपीएल के मैच या प्रैैक्टिस मैच हो सकेंगे। आईपीएल कमिश्नर राजीव शुक्ला के भी 28 फरवरी को शहर आने की संभावना है। बता दें कि यहां पर लगे सभी चारों फ्लड लाइट टावर जलने लगे हैं।