युद्ध या उपद्रव के दौरान आर्मी के जवानों और सुरक्षा बलों को भारी बुलेट प्रूफ जैकेट के बोझ से मुक्ति मिल सकती है। शहर की एक निजी फर्म ने मात्र एक किलो की खास प्लेट तैयार की है, जिसे बुलेट प्रूफ जैकेट में लगाने पर एके-47 तक के हमले से सुरक्षित रखेगी।
कंपनी का दावा है कि पहली बार इतनी हल्की प्लेट का निर्माण किया गया है। यह जल्द ही बाजार में उपलब्ध होगी। युद्ध के दौरान विभिन्न प्रकार के हथियारों से सुरक्षा प्रदान करने संबंधी उत्पादों को निर्यात करने वाली एमकेयू इंडिया ने यह खास प्लेट तैयार की है।
फर्म के बिजनेस हेड (पर्सनल प्रोटेक्शन) मनीष खंडेलवाल के मुताबिक इस प्लेट को जैकेट में आवश्यकतानुसार लगाया और निकाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि अभी तक इस स्तर की सुरक्षा प्रदान करने वाली प्लेट दो से ढाई किलो तक की उपलब्ध हैं।
विश्व में तमाम कंपनियां हल्की प्लेट तैयार करने की दिशा में रिसर्च कर रही हैं। उन्होंने दावा किया कि एक किलो वजन की इस खास प्लेट को तैयार करने वाली उनकी पहली कंपनी है। इस प्लेट की क्षमताओं को परखने के लिए टेस्टिंग लैब में एके-47 से पांच फायर किए गए जिन्हें रोकने में प्लेट सफल रही।
11 हजार होगी कीमत
सेना के जवानों और सुरक्षाबलों के लिए बुलेट प्रूफ जैकेटों का वजन बड़ी समस्या होती है। इस प्लेट से युक्त बुलेट प्रूफ जैकेट उन्हें इस झंझट से मुक्ति दिलाएंगे। लंबी रिसर्च के बाद इसे तैयार करने में सफलता प्राप्त हुई है। खंडेलवाल के मुताबिक यह प्लेट जर्मनी की प्रमुख बैलेस्टिक प्रयोगशाला ‘मेल रिच एसटीएडीटी’ की जांच के बाद तैयार की गई है। इसकी कीमत अंतर्राष्ट्रीय बाजार में लगभग 11 हजार रुपये के आसपास होगी। अभी तक फरीदाबाद की ‘स्टारवायर’ और ‘इंडियन आर्मर’ कंपनियां पौने दो किलो तक की प्लेटें बना चुकी हैं।
इस कारण नहीं धंसती गोली
बुलेट प्रूफ जैकेट की शीट की क्वालिटी चेक करने वाली कंपनी डीआरडीओ के पूर्व तकनीकी अधिकारी अशोक अबरोल ने बताया कि जिस शीट में ऊर्जा के चारों ओर फैलाव की शक्ति जितनी ज्यादा होगी वह शीट उतनी ही अच्छी मानी जाती है। जिस शीट में गोली का इंपैक्ट एक ही जगह नहीं होता, पूरी शीट पर फैल जाता है, उस शीट को ज्यादा कारगर माना जाता है।
भारतीय सेना के पास ऐसी बुलेट प्रूफ जैकेट हैं जिन्हें एके-47 की गोलियां नहीं भेद पाएंगी।
- पवित्तर सिंह, सेना की पश्चिमी कमान के प्रवक्ता