कानपुर देहात। अकबरपुर मेडिकल कॉलेज में लिफ्ट खराब होने से ओपीडी में आने वाले मरीजों को प्रथम व द्वितीय तल तक पहुंचने के लिए रैंप का सहारा लेना पड़ रहा है। वहीं, चौथे तल स्थित जनरल वार्ड में भर्ती मरीजों को लाने-ले जाने में स्वास्थ्य कर्मियों को भारी दिक्कतें हो रही हैं। सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्ग, दिव्यांग और गंभीर रूप से बीमार मरीजों को झेलनी पड़ रही है।
बुधवार को पंजीकरण काउंटर पर सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक 1134 मरीजों ने पंजीकरण कराया। पंजीकरण काउंटर से लेकर प्रथम तल तक जाने वाले रैंप पर लंबी कतार लगी नजर आईं। कई मरीज दर्द से कराहते हुए तीमारदारों के सहारे धीरे-धीरे रैंप चढ़ते नजर आए। पैर में चोट, कमजोरी और गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए यह चढ़ाई किसी परीक्षा से कम नहीं रही।
लिफ्ट बंद होने से ओपीडी व जनरल वार्ड तक पहुंचने के लिए बीमार मरीज व तीमारदार स्ट्रेचर और व्हीलचेयर ढूंढते दिखे। भूतल के पास व्हील चेयर न मिलने पर कई मरीजों को उनके तीमारदार सहारा देकर रैंप के सहारे ओपीडी व जनरल वार्ड, ओटी की ओर जाते दिखे। कुछ मरीजों को हाथों से सहारा देकर या कई लोगों की मदद से ऊपर पहुंचाना पड़ा। इससे मरीज परेशान दिखे। मरीजों और तीमारदारों ने अव्यवस्था को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज जैसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संस्था में लिफ्ट का खराब रहना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। लोगों ने जिम्मेदार अधिकारियों से तत्काल लिफ्ट दुरुस्त कराने की मांग की है।
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बोले मरीज...
ओपीडी तक पहुंचने में बेटे का लेना पड़ा सहारा
पर्चा बनवाकर दूसरे तल के 11 नंबर कमरा में दिखाने के लिए जाना था। पैर में सूजन व बुखार आने के कारण चलने में अस्मर्थ था, लिफ्ट के पास पहुंचे तो बताया गया लिफ्ट खराब है। किसी तरह बेटे के साथ सहारा लेकर रैंप से होते हुए ओपीडी पहुंचे। पैदल चलकर आने में दम फूल गया। कुछ देर दूसरे तल पर बैठने के बाद जाकर डाॅक्टर को दिखाया। - गंगाचरन, गोगूमऊ
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नहीं मिली व्हील चेयर, रैंप से जाने में बढ़ा दर्द
बायां पैर फ्रैक्चर है, दिखाने के लिए आए थे। पर्चा बनवाने के बाद दूसरे तल पर जाने के लिए कहा गया। जब लिफ्ट बंद होने की जानकारी हुई तो व्हील चेयर के बारे में पता किया। लिफ्ट के पास कोई व्हील चेयर भी नहीं मिली। साथी का सहारा लेकर रैंप से किसी तरह कराहते हुए हड्डी रोग विशेषज्ञ के कमरे तक पहुंचे। दूसरे तल तक पहुंचने पर पैर में दर्द और बढ़ गया। - अमित कटियार, कांंधी
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वर्जन...............
लिफ्ट खराब है, इसकी जानकारी है। कंपनियों से एनुअल मेंटीनेंस कांट्रैक्ट होना है। इसके लिए शासन को फाइल भेजी जा रही है। वैकल्पिक तौर पर स्थानीय स्तर पर लिफ्ट की खामी दूर करा इसे शीघ्र चालू कराया जाएगा। जिससे किसी भी मरीज को परेशानी न उठानी पड़े। लिफ्ट के पास व्हील चेयर भी रखी हैं। कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मरीजों को ओपीडी तक पहुंचाने में मदद करें। इसके लिए लगातार निगरानी की जा रही है। - डॉ. हरप्रीत सिंह, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज अकबरपुर