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आप भी लाइफ स्टाइल रोगों से जूझ रहे हैं तो नहीं है डरने की जरूरत, मिल गया है इसका आसान इलाज

Fri, 08 Feb 2019 02:17 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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बिगड़ी लाइफ स्टाइल और खानपान की बीमारियां डायबिटीज, फैटी लीवर, गुर्दा रोग, मोटापा, पेट रोग, हाई कोलेस्ट्राल और ट्राइग्लीसिराइड को ठीक करने में एलोपैथिक से मायूस लोग अब आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में अपने रोग का निदान ढूंढ रहे हैं।

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मरीजों का कहना है कि एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति से इलाज में दवाओं के साइड इफै क्ट रोकने को दो-तीन दवाएं और बढ़ जाती हैं। रोग का पूरा निदान भी नहीं होता। ऐसे में क्रोनिक मरीजों का एक बड़ा तबका अब आयुर्वेद से इलाज करा रहा है।

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कानपुर के गीतानगर स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय की ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ी है। इसमें 25 से 30  मरीज क्रोनिक रोगों के रहते हैं। अस्पताल की चिकित्सक डॉ. अर्पिता राज व डॉ. दीप्ति पुष्कर ने बताया कि एलोपैथिक दवा से आराम न मिलने पर यहां बच्चेदानी में रसौली, त्वचा रोग के मरीजों की संख्या बढ़ी है।

युवा रोगियों की संख्या भी बढ़ रही है। वे आयुर्वेद में अधिक दिलचस्पी ले रहे हैं। आयुर्वेद/यूनानी के दूल, मर्दनपुर और देवहा में ऐसे रोगियों का इलाज होता है जो दवा नहीं खाना चाहते। योग, ध्यान, व्यायाम से इलाज दिया जाता है।

वेलनेस सेंटर अपने क्षेत्र के स्कूलों में योग-ध्यान सिखाते हैं। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक अधिकारी अशोक शुक्ल का कहना है कि आयुर्वेद से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और साइड इफैक्ट्स नहीं हैं। यह पद्धति अधिक कारगर है। 
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