फर्रुखाबाद। प्रेम प्रसंग के विरोध में 16 वर्ष पहले प्रेमिका के पिता की हत्या में प्रेमी को विशेष न्यायाधीश एससीएसटी महेंद्र सिंह ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषी को 20 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है। जमा न करने पर दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
जनपद एटा थाना राजा का रामपुर गांव पहरा निवासी मुलायम सिंह ने 26 सितंबर 2007 को शहर कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें बताया कि भाई रमेश उर्फ मुन्ना की शहर कोतवाली के मोहल्ला कछियाना में ससुराल है।
भाई की पत्नी की वर्ष 1997 में मौत हो गई थी। भाई के एक बेटी नेहा व बेटा हिमांशु है। भाई रमेश उर्फ मुन्ना ने शहर कोतवाली के मोहल्ला आरा कसान में मकान बनवाया। नीचे के हिस्से में परचूनी की दुकान खोल ली। 26 सितंबर 2007 को मोहल्ले के लोगों ने सूचना दी कि भाई के मकान का दो दिन से ताला बंद है। मुलायम सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस को बुलाकर दरवाजा खुलवाया।
कमरे के अंदर रमेश उर्फ मुन्ना का शव बोरियों से ढका मिला। विवेचक ने छानबीन की तो मोहल्ले के जीतू का नाम सामने आया। जीतू का रमेश की पुत्री नेहा से प्रेम प्रसंग था। रमेश इसका विरोध करता था। 24 सितंबर 2007 को जीतू व नेहा ने मिलकर रमेश की हत्या कर दी। विवेचक ने दोनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। नेहा की गिरफ्तारी नहीं होने पर उसकी फाइल को पृथक कर दिया गया।
मुकदमे की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश ने गवाह व साक्ष्य के आधार पर जीतू को दोषी करार किया था। बुधवार को न्यायाधीश ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 20 हजार रुपये अर्थदंड जमा करने के आदेश दिए। अर्थदंड नहीं जमा करने पर दोषी को दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।